Friday, May 24, 2024
Homeराजनीतिफिर उफान मारने लगा केजरीवाल के PM बनने का सपना, फिर मोदी से तुलना...

फिर उफान मारने लगा केजरीवाल के PM बनने का सपना, फिर मोदी से तुलना करने में जुटा मीडिया

अब आते हैं AAP के ताज़ा ट्वीट पर, जिनमें पार्टी ने लिखा है- "हम राजनीति करने नहीं, राजनीति बदलने आए हैं। क्रांति का हिस्सा बनिए, AAP ज्वाइन कीजिए।"

अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी एक बार फिर से राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा लेकर आगे बढ़ रही है। दोपहर तक जैसे ही दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम की तस्वीरें पूरी तरह साफ़ हुई, केजरीवाल की पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से अपने नेशनल एम्बिशन को जाहिर कर दिया। सीएम केजरीवाल के भीतर पीएम बनने का सपना बार-बार उफान मारता रहता है, ये किसी से छिपा नहीं है। 2014 के लोकसभा चुनाव में वो वाराणसी में नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ लड़ने पहुँच गए थे, जहाँ उन्हें बुरी हार मिली थी। इसके साथ ही AAP की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा पर भी ताले लग गए थे।

हालाँकि, गोवा से लेकर हरियाणा तक पार्टी ने दाँव-पेंच आजमाए लेकिन सफलता कहीं नहीं मिली। आम आदमी पार्टी हर जगह नोटा और वामपंथियों से ही मुक़ाबला करती रही। ये भी जानने वाली बात है कि राजस्थान और पंजाब में पार्टी ने बेहतर परिणाम की उम्मीद की थी, लेकिन दोनों ही राज्यों में उन्हें जनता का प्यार नहीं मिला। अब आते हैं AAP के ताज़ा ट्वीट पर, जिनमें पार्टी ने लिखा है- “हम राजनीति करने नहीं, राजनीति बदलने आए हैं। क्रांति का हिस्सा बनिए, AAP ज्वाइन कीजिए।

उधर जदयू से निष्काषित किए गए नेता पवन वर्मा ने भी केजरीवाल की तारीफ की है। कहा जा रहा है कि आगामी बिहार चुनावों में पार्टी पूरी ताकत लगाएगी। आम आदमी पार्टी के भीतर राष्ट्रीय पार्टी बनने का भूत फिर से सवार हो गया है। लेकिन, जिस तरह से विपक्षी एकता की रैलियों में केजरीवाल को नज़रन्दाज़ किया जाता है और कुछ में तो वो हिस्सा ही नहीं लेते क्योंकि उन्हें ‘उचित सम्मान’ नहीं मिलता। हमने देखा था जब हाल ही में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की अध्यक्षता में हुई सीएए विरोधी बैठक में केजरीवाल ने हिस्सा नहीं लिया था।

अब फिर से पत्रकार अरविन्द केजरीवाल को पीएम मोदी के टक्कर का चेहरा बना कर पेश करेंगे। उनका महिमामंडन किया जाएगा, बावजूद इसके कि क्षेत्र और जनसंख्या के हिसाब से देखें तो दिल्ली की उनकी जीत का ये अर्थ कतई नहीं निकलता कि यूपी और बिहार जैसे बड़े राज्यों में भी AAP पाँव पसार ही लेगी। लेकिन, पत्रकारों के एक विशेष वर्ग की कोशिश जारी रहेगी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बाबरी का पक्षकार राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आ गया, लेकिन कॉन्ग्रेस ने बहिष्कार किया’: बोले PM मोदी – इन्होंने भारतीयों पर मढ़ा...

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट ऐलान किया कि अब यह देश न आँख झुकाकर बात करेगा और न ही आँख उठाकर बात करेगा, यह देश अब आँख मिलाकर बात करेगा।

कॉन्ग्रेस नेता को ED से राहत, खालिस्तानियों को जमानत… जानिए कौन हैं हिन्दुओं पर हमले के 18 इस्लामी आरोपितों को छोड़ने वाले HC जज...

नवंबर 2023 में जब राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी चरम पर थी, जब जस्टिस फरजंद अली ने कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मेवाराम जैन को ED से राहत दी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -