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‘डोर टू डोर’ चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुँचे थे ओवैसी, लोगों ने काले झंडों के साथ किया स्वागत: लगे ‘गो बैक’ के नारे, रैली में ‘अल्लाह’ का नाम लेकर रोए थे

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी गुजरात के कई मुस्लिम इलाकों में ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है। अब सियासी पार्टियाँ सोमवार(5 दिसंबर, 2022) को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए एड़ी चोटी की ताकत लगा रही हैं। इसी दौरान अहमदाबाद में डोर टू डोर कैंपेन कर रहे एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रचार के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए गए। विरोध कर रहे लोग उनके खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे लोग कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओवैसी अहमदाबाद के शाहपुर मिल कंपाउंड के पास मुस्लिम बहुल इलाके में वोट माँगने पहुँचे थे। असदुद्दीन ओवैसी पैदल चलते हुए जमालपुर से एआईएसआईएम उम्मीदवार साबिर काबलीवाला के लिए वोट माँग रहे थे। ओवैसी के साथ उनके सैकड़ों समर्थक भी थे। इस बीच स्थानीय लोगों ने ओवैसी का विरोध शुरू कर दिया। कैंपेनिंग के दौरान ‘ओवैसी गो बैक’ के नारे भी लगाए गए। ओवैसी को काले झंडे दिखाए जाने लगे। दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी की।

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी गुजरात के कई मुस्लिम इलाकों में ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। तकरीबन दो सप्ताह पहले सूरत ईस्ट में मुस्लिम नौजवानों ने ओवैसी की सार्वजनिक सभा में काले झंडे दिखाए थे।

इसके पहले शुक्रवार (02 दिसंबर, 2022) को इसी विधानसभा क्षेत्र (जमालपुर) में एक रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी फफककर रोने लगे थे। ओवैसी रोते हुए अल्लाह से अपने उम्मीदवार को जिताने की भीख माँग रहे थे।

जमालपुर में रैली के दौरान ओवैसी ने राहुल गाँधी पर भी जमकर निशाना साधा था। ओवैसी ने कहा था कि राहुल गाँधी बहस में पाँच मिनट भी मेरे सामने टिक नहीं पाएँगे। ओवैसी ने कहा था, “हमारी सच्चाई के सामने कॉन्ग्रेस का झूठ चकनाचूर हो जाएगा, हमारी जुबान के सामने कॉन्ग्रेस के लोग गूंगे बन जाएंगे।” माना जा रहा है कि उनके इस भाषण के बाद कॉन्ग्रेस समर्थकों में नाराजगी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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