Friday, July 1, 2022
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‘UP की जेलों में 27% मुस्लिम बंद… अतीक, मुख्तार भी’: ओवैसी के भाषण पर अतीक की बीवी ने कहा- ‘अखिलेश ने भेजा जेल’

''अतीक अहमद सिर्फ एक ही नहीं है, बल्कि यूपी में हजारों अतीक अहमद हैं जो कि जेलों में सड़ रहे हैं। अतीक अहमद कानून की नजर में आज भी चुनाव लड़ सकते हैं। हमें उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।''

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शनिवार (25 सितंबर 2021) को जनसभा करने पहुँचे। यहाँ उन्होंने गैंगस्टर अतीक अहमद का समर्थन किया। ओवैसी ने जनसभा में लोगों से कहा, ”अतीक अहमद सिर्फ एक ही नहीं है, बल्कि यूपी में हजारों अतीक अहमद हैं जो कि जेलों में सड़ रहे हैं। अतीक अहमद कानून की नजर में आज भी चुनाव लड़ सकते हैं। हमें उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।”

उन्होंने कहा, “अतीक जेल में हैं, मुख्तार जेल में हैं और उत्तर प्रदेश की जेलों में 27 प्रतिशत मुसलमान बंद हैं। क्या अब भी नहीं उठोगे। आज यह वक्त उठने का है। बेखौफ होकर अपने वोट का इस्तेमाल करो।”

इस दौरान जनसभा के मंच से बसपा के पूर्व सांसद अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन ने अपने शौहर का पत्र पढ़ा। गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ने जेल से पत्र लिखकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला बोला है। पत्र में अतीक ने लिखा, ”मैं और मेरा भाई जेल में हैं। मेरे बेटे पर इनाम रखा गया है। मुझे मजबूरन यह खत अपनी पत्नी को पढ़ने को कहना पड़ा। मेरे वालिद अगर जिंदा होते तो शायद इसकी इजाजत कभी ना देते।” अहमद ने अपने पत्र में लिखा कि मुझे अखिलेश यादव ने न सिर्फ जेल भेजा बल्कि सरकारी वकील के जरिए मेरी पैरवी को भी कमजोर किया, मेरी जमानत नहीं होने दी।

अतीक ने आगे लिखा, “सपा को इलाहाबाद, कौशांबी में कितने लोग जानते हैं? मुझे आप लोग विधायक मानते थे, मैंने मुलायम सिंह यादव जी का सपोर्ट किया। जब भी मुलायम सिंह यादव ने रैली की मैंने बस में भरकर लोगों को उनके समर्थन में लखनऊ भेजा। अपने भाई को भाई कहने में आज अखिलेश यादव को शर्म आती है। उन्हें अपने भाई का झंडा उठाने में शर्म आती है।”

इसके बाद मजीदिया इस्लामिया कालेज में ओवैसी ने कहा, “मैं अतीक अहमद और उनके परिवार को सलाम करता हूँ, जो एक जालिम हुकूमत के साथ लड़ रहा है।” इसके साथ ही एआईएमआईएम के अध्यक्ष ने अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी के मुद्दे पर बीजेपी, सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस पर हमला बोला।

ओवैसी ने कहा कि सपा, कॉन्ग्रेस के लोग मौलाना कलीम सिद्दीकी पर बयान देने के लिए मुझे फोन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे पूछा आपके नेता राहुल गाँधी, सपा के नेता अखिलेश यादव इस मामले पर क्यों नहीं बोलते। इस पर कॉन्ग्रेस, सपा के लोगों ने बोला कि यदि उनके नेता इस पर बोलेंगे तो उन्हें हिंदुओं का वोट नहीं मिलेगा।”

हैदराबाद के सांसद ने कहा, “उत्तर प्रदेश की सरकार ने धर्म परिवर्तन का जो कानून बनाया है, वह कानून गलत है। मैंने इस कानून की आलोचना की है। यह असंवैधानिक है, उच्चतम न्यायालय के पुट्टूस्वामी के मामले में दिए गए निर्णय के खिलाफ है। मैं अब सपा, बसपा से पूछना चाहता हूँ कि क्या वे मौलाना कलीम सिद्दीकी के बारे में बोलेंगे या नहीं बोलेंगे।”

दरअसल, इससे पहले भी औवेसी ट्वीट कर अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी का समर्थन कर चुके हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले पर शुक्रवार (24 सितंबर 2021) को ट्वीट किया, ”मौलाना कलीम साहब के वकील अबुबकर सब्बाक से बात की। अनुच्छेद-25 में अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार है। अपने धर्म की जानकारी देना किसी भी तरह से अपराध नहीं है। यूपी सरकार मीडिया ट्रायल कर रही है। उनके खिलाफ लगाई गई धाराएँ आरोपों से मेल नहीं खाती। इंशाअल्लाह इंसाफ होगा।” इसके बाद वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए थे।

गौरतलब है कि एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अगले साल उत्तर प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी जमीन तलाशने में जुटे हुए हैं। पिछले हफ्ते अहमदाबाद की एक दिवसीय यात्रा पर औवेसी ने जेल में बंद गैंगस्टर अतीक अहमद से मिलने की इजाजत माँगी थी। लेकिन अहमदाबाद केंद्रीय कारागार के अधीक्षक रोहन आनंद ने औवेसी को अतीक अहमद से मिलने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था, ”आपको सूचित किया जाता है कि जेल नियमों के अनुसार यहाँ बंद व्यक्ति से केवल परिजन या वकीलों को ही मिलने की अनुमति है। जेल के नियमों और कोरोना महामारी के कारण अन्य लोगों को मिलने की अनुमति नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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