Monday, April 22, 2024
Homeराजनीतिभारत में बैन हो एमनेस्टी इंटरनेशनल, भारतीय लोकतंत्र और यहाँ की सरकार के खिलाफ...

भारत में बैन हो एमनेस्टी इंटरनेशनल, भारतीय लोकतंत्र और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश का लंबा इतिहास: असम CM

''एमनेस्टी इंटरनेशनल का भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश रचने का लंबा इतिहास रहा है। मैं इस साजिश की कड़ी निंदा करता हूँ और मोदी सरकार से ऐसे संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करता हूँ, जो हमारे देश को बदनाम करने और नुकसान पहुँचाने पर अमादा हैं।''

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (20 जुलाई 2021) को पेगासस रिपोर्ट पर वामपंथी मीडिया के साथ अंतरराष्ट्रीय समूह को मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ”कुछ मीडिया आउटलेट्स ने कहा है कि कुछ लोगों को चिन्हित करके उनकी जासूसी की जा रही है, लेकिन वह इसकी पुष्टि नहीं कर सकते कि क्या उनकी गोपनीयता से कोई समझौता किया गया था। यह कैसी पत्रकारिता है? एमनेस्टी इंटरनेशनल और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय समूह भारतीय लोकतंत्र और मोदी सरकार को बदनाम करने की कोशिश में क्यों कर रहे हैं?”

सीएम ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में सीएम हिमंत ने कहा, ”एमनेस्टी इंटरनेशनल का भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने और यहाँ की सरकार के खिलाफ साजिश रचने का लंबा इतिहास रहा है। मैं इस साजिश की कड़ी निंदा करता हूँ और मोदी सरकार से ऐसे संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करता हूँ, जो हमारे देश को बदनाम करने और नुकसान पहुँचाने पर अमादा हैं।”

पेगासस रिपोर्ट पर असम के सीएम ने कहा, ”मैं भारत सरकार से देश में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कामकाज पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करता हूँ। मुझे लगता है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी को भी केंद्र सरकार से हाथ मिलाना चाहिए। वे हमारे देश को हर समय इस तरह से बदनाम नहीं कर सकते हैं।”

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज IIT गुवाहाटी में एक नए ‘आपदा प्रबंधन और अनुसंधान केंद्र’ का उद्घाटन भी किया।

गौरतलब है कि इस मामले पर भारत सरकार ने कहा था, “जो कहानी बनाई जा रही है, वो न सिर्फ तथ्यों से दूर है बल्कि एक पूर्व-कल्पित निष्कर्षों पर भी आधारित है। ऐसा लगता है कि जैसे ये जाँचकर्ता, अभियोजक और जूरी– इन तीनों का किरदार अदा करना चाहते हैं। सरकार के पास जो सवाल भेजे गए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि इसके लिए काफी घटिया रिसर्च किया गया है और साथ ही ये भी बताता है कि सम्बंधित मीडिया संस्थानों द्वारा मेहनत नहीं की गई है।”

बता दें कि लोकसभा में सोमवार (19 जुलाई) को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस विवाद पर वामपंथी वेबसाइट ‘द वायर’ और NDTV को जमकर लताड़ा था। उन्होंने इस रिपोर्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ये तथ्यों से परे है और इसमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें सरकार पर पत्रकारों, भारतीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, विपक्षी नेताओं और अन्य हस्तियों पर जासूसी करने के लिए स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। ये रिपोर्ट देश के लोकतंत्र और हमारी सुस्थापित संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास लगती है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिमों के लिए आरक्षण माँग रही हैं माधवी लता’: News24 ने चलाई खबर, BJP प्रत्याशी ने खोली पोल तो डिलीट कर माँगी माफ़ी

"अरब, सैयद और शिया मुस्लिमों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। हम तो सभी मुस्लिमों के लिए रिजर्वेशन माँग रहे हैं।" - माधवी लता का बयान फर्जी, News24 ने डिलीट की फेक खबर।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe