Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति फिरोज खान की नियुक्ति पर अड़े BHU वीसी, छात्रों से बातचीत विफल

फिरोज खान की नियुक्ति पर अड़े BHU वीसी, छात्रों से बातचीत विफल

BHU प्रशासन ने अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया। आंदोलनकारी छात्र 7 नवम्बर से विरोध प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। आन्दोलन कर रहे छात्रों से मिलने के बाद...

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के धर्म-विज्ञान संकाय में फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई इस नियुक्ति में आन्दोलनरत छात्रों ने कुलपति से मुलाक़ात भी की मगर तीन दिन के बाद भी इस वार्ता का कोई भी हल नहीं निकल सका है।

छात्रों के आरोपों और उनकी माँगे सुनने के बाद प्रशासन ने अपने कदम को जायज़ ठहराते हुए फ़िरोज़ खान की नियुक्ति को सही बताया। अपनी बात स्पष्ट करते हुए प्रशासन ने अपनी इस प्रक्रिया को पारदर्शी बताया। बता दें कि यह छात्र 7 नवम्बर से विरोध प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार देर रात आन्दोलन कर रहे छात्रों से मिलने के बाद कुलपति राकेश भटनागर ने इस विषय पर विधि विशेषज्ञ की राय लेने की बात कही है।

बता दें कि देश भर में तमाम मीडिया समूहों ने इस न्यूज़ को ऐसे चलाया हुआ है कि जैसे पूरे BHU में मुस्लिम टीचर की नियुक्ति का विरोध हो रहा है। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है। अलीगढ़ के तर्ज पर बेशक BHU के नाम में कुछ समानताएँ हो लेकिन वहाँ किसी का सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से विरोध कभी नहीं हुआ। फिर इस बार ऐसा क्या है कि इस नियुक्ति को रद्द करने की माँग SVDV के छात्र कर रहे हैं।

पढ़ें: ‘केवल हिन्दुओं’ के लिए बने BHU धर्म संकाय में डॉ. फ़िरोज़ खान की नियुक्ति कैसे हो गई: ग्राउंड रिपोर्ट

आपको बता दें कि संकाय के मंदिरनुमा भवन के प्रवेश द्वार पर दो स्तंभों पर शंकर-पार्वती की मूर्तियाँ स्थापित हैं जिनका संस्कृत विद्या धर्म संकाय के अधिकांश प्रोफेसर्स प्रदक्षिणा करते हुए संकाय में प्रवेश करते हैं। क्या ऐसा तब भी होगा जब इस संकाय में कल कई सारे मुस्लिम प्रोफ़ेसर होंगे। आपको शायद न पता हो कि BHU के इसी संकाय से प्रकाशित होने वाला ‘विश्व हिंदू पंचांग’ पूरे विश्व के हिन्दू धर्म के तिथि त्योहार सम्बन्धी सभी विवादों का समाधान करता है। लेकिन, आज दुर्भाग्य यह है कि इसके बारे में हिन्दू विश्वविद्यालय के बहुत सारे लोग ही नहीं जानते। और तब की सोचिए जब आज से 20 साल बाद गैर हिन्दू लोग यहाँ संकाय-प्रमुख और विभागाध्यक्ष होंगे तब हिन्दू-परम्पराओं की न जाने क्या-क्या और कैसी-कैसी व्याख्याएँ की जाएँगी।

मीडिया द्वारा इस मुद्दे को सिर्फ हिन्दू-मुस्लिम तक सीमित कर देने से चिंतित वहाँ के छात्रों ने बताया की इस आधुनिक दौर में इन छात्रों को आप वह पारंपरिक रूढ़िवादी आदिवासी या कुछ भी समझ सकते हैं जो अपनी छोटी सी पुरखों की जमीन, सनातन परम्परा और ग्रामदेवता पर आए संकट से बचने के लिए आज भाला बरछी निकाल लिए हैं। क्योंकि, इनके सामने आधुनिक असलहों से लैस वाईसचांसलर(VC) JNU के प्रोफ़ेसर राकेश भटनागर ‘सरकार’ हैं और विभागाध्यक्ष व एक्सपर्ट्स ‘पूँजीपति और अधिकारी।’ तथाकथित विकास और आधुनिकता का समर्थन करने वाली लिबरल जनता (गैंग) भी सामने है। यह छात्र आज खुद में कल का कश्मीरी हिन्दू भी देख रहे हैं। इनके लिए त्रासद यह है कि आज इनके पलायन की भूमिका ‘संघ समर्थित हिन्दू सरकार’ के शासन-काल में लिखी जा रही है। और लोग मौन हैं। आखिर अपनी परम्पराओं के संरक्षण के लिए हम अब खड़े नहीं हुए तो आने वाले समय जो थोड़ा-बहुत संरक्षित पारम्परिक ज्ञान-विज्ञान बचा है उसे भी आज के ‘दीमक’ चाट जाएँगे।

यह भी पढ़ें: BHU के हिन्दू धर्म फैकल्टी में आज फिरोज खान घुसे हैं, कल विश्वनाथ मंदिर से ‘अल्लाहु अकबर’ भी बजेगा

एक छात्र के मुताबिक “आज से बहुत पहले जब दिसंबर में काशी में राष्ट्रीय महासभा हुई और उसी अवसर पर 31 दिसंबर सन 1905 ई० को बरार के श्री वी०एन० महाजनी एम्० ए० के सभापतित्व में काशी के टाउन हॉल में एक बड़ी भारी सभा हुई थी। सब धर्मों के प्रतिनिधि देशभर के प्रसिद्ध शिक्षा प्रेमियों के सामने आज की यह योजना रखी गई। यहाँ भी हिंदू विश्वविद्यालय की योजना का सबने स्वागत किया। 1 जनवरी सन 1906 ई० को वहीं कॉन्ग्रेस के पंडाल में हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा हुई थी।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द प्रिंट की ‘ज्योति’ में केमिकल लोचा ही नहीं, हिसाब-किताब में भी कमजोर: अल्पज्ञान पर पहले भी करा चुकी हैं फजीहत

रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।

सुशांत सिंह राजपूत पर फेक न्यूज के लिए AajTak को ऑन एयर माँगनी पड़ेगी माफी, ₹1 लाख जुर्माना भी: NBSA ने खारिज की समीक्षा...

AajTak से 23 अप्रैल को शाम के 8 बजे बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर और बोल कर Live माफी माँगने को कहा गया है।

‘आरोग्य सेतु’ डाउनलोड करने की शर्त पर उमर खालिद को जमानत, पर जेल से बाहर ​नहीं निकल पाएगा दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों का...

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को जमानत मिल गई है। लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। जाने क्यों?

कोरोना से जंग में मुकेश अंबानी ने गुजरात की रिफाइनरी का खोला दरवाजा, फ्री में महाराष्ट्र को दे रहे ऑक्सीजन

मुकेश अंबानी ने अपनी रिफाइनरी की ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों को मुफ्त में शुरू की है। महाराष्ट्र को 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,218FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe