Homeराजनीतिमैं BJP नहीं छोड़ रही हूँ, दलबदल मेरे खून में नहीं है: पंकजा मुंडे

मैं BJP नहीं छोड़ रही हूँ, दलबदल मेरे खून में नहीं है: पंकजा मुंडे

“मैं पार्टी (भाजपा) की ईमानदार कार्यकर्ता रही हूँ, मैंने पार्टी के लिए काम किया है। मैं अपने ऊपर लगे आरोपों से दुखी हूँ। मैं अब 12 दिसंबर को बोलूँगी, अभी और कुछ नहीं कहना चाहती।”

भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे और पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया है। पंकजा मुंडे ने मंगलवार (दिसंबर 3, 2019) को कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, ‘‘मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूँ। दलबदल मेरे खून में नहीं है। मैं पार्टी की सच्ची और समर्पित कार्यकर्ता हूँ।”

पंकजा मुंडे ने सोमवार (दिसंबर 2, 2019) को ट्विटर पर अपने ‘बॉयो’ से भाजपा का नाम हटा दिया। इसके बाद उनके भाजपा छोड़ने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया था। इससे पहले उन्होंने रविवार (दिसंबर 1, 2019) को एक फेसबुक पोस्ट करते हुए अपने पिता गोपीनाथ मुंडे के जन्मदिवस पर 12 दिसंबर को समर्थकों को बीड के गोपीनाथगढ़ पहुँचने की अपील की थी। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘‘अब सोचने और निर्णय लेने की जरूरत है कि आगे क्या किया जाए?”

पंकजा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखी बातों को मीडिया के एक वर्ग द्वारा ट्विस्ट करने का आरोप लगाया। इससे पहले मंगलवार दोपहर भाजपा के पूर्व मंत्री विनोद तावड़े ने पंकजा मुंडे से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद तावड़े ने कहा, ‘‘रविवार को उनके फेसबुक पोस्ट का विरोधियों ने गलत मतलब निकाला, इसलिए वह बहुत आहत थीं। उन्होंने खुद मुझे बताया कि वह पार्टी से नाखुश नहीं हैं।”

इसके अलावा पंकजा ने उन अफवाहों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि उनके ट्विटर परिचय से ‘‘भाजपा’’ को हटाने का मकसद अपनी पार्टी पर दबाव बनाना था। बता दें कि पंकजा के फेसबुक अकाउंट के ‘अबाउट’ सेक्शन में उनका राजनीतिक संबंध अब भी भाजपा के साथ ही दिख रहा है। इसके साथ ही सोमवार को पंकजा ने अपने फेसबुक पेज पर भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और साथ में ‘कमल’ (भाजपा का चिह्न) की एक तस्वीर पोस्ट की।

पार्टी छोड़ने की अटकलों पर बात करते हुए पंकजा मुंडे ने कहा, “मैं पार्टी (भाजपा) की ईमानदार कार्यकर्ता रही हूँ, मैंने पार्टी के लिए काम किया है। मैं अपने ऊपर लगे आरोपों से दुखी हूँ। मैं अब 12 दिसंबर को बोलूँगी, अभी और कुछ नहीं कहना चाहती।”

गौरतलब है कि शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया था कि कई नेता उद्धव ठाकरे नीत पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं। हालाँकि बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राउत के दावे को सोमवार को खारिज किया था। साथ ही उन्होंने पंकजा मुंडे के बीजेपी छोड़ने की खबरों का भी खंडन किया था। 

उन्होंने कहा था, “महाराष्ट्र में दुर्घटनावश बनी सरकार निराधार खबरें फैला रही है। उनके ठाकरे परिवार से अच्छे पारिवारिक रिश्ते हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह शिवसेना में शामिल होने जा रही हैं। वह हार के बाद आत्मनिरीक्षण कर रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रही हैं।”

‘BJP नहीं छोड़ रहीं पंकजा मुंडे, महाराष्ट्र में दुर्घटनावश बनी सरकार फैला रही अफवाह’

NCP नेता धनंजय मुंडे ने बहन पंकजा पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, मामला दर्ज

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -