Friday, August 6, 2021
Homeराजनीतिएक देश, एक स्कूली शिक्षा: मेडिकल-इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में सबको दिलाएगा बराबरी का...

एक देश, एक स्कूली शिक्षा: मेडिकल-इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में सबको दिलाएगा बराबरी का मौका

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूरे देश में एक स्कूली शिक्षा की माँग लोकसभा में उठाई। शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसा करने से ग्रामीण प्रतिभाओं को भी बराबर का मौक़ा मिलेगा।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार (जुलाई 5, 2019) को पूरे देश में एक स्कूली शिक्षा की माँग लोकसभा में उठाई। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसा करने से ग्रामीण प्रतिभाओं को भी बराबर का मौक़ा मिलेगा।

सदन में भाजपा सांसद ने अपने मत पर तर्क दिया कि प्रदेश बोर्डों में अलग-अलग पाठ्यक्रम होने के कारण मेडिकल और इंजीनियरिंग के दाखिले की परीक्षाओं में ग्रामीण इलाकों के बच्चे स्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक बोर्ड होना चाहिए ताकि सभी बच्चे एक तरह की पढ़ाई करें और सबको बराबर का मौका मिले।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा में कल (अगस्त 5, 2019) निशिकांत दुबे समेत 74 सदस्यों ने अपनी बात रखी। जहाँ निशिकांत ने शिक्षा का मुद्दा उठाया, वहीं शून्यकाल के दौरान बीजू जनता दल के नेता माहताब ने 2021 की जनगणना में OBC समुदाय के लोगों की अलग से जनगणना का सुझाव दिया, जबकि भाजपा के जगदम्बिका पाल ने आंगनवाड़ी कर्मियों के विषय को उठाया और माँग की कि इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी होने का दर्जा दिया जाए।

इस दौरान भाजपा के राजकुमार चाहर ने अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मस्थान पर उनकी बड़ी मूर्ति स्थापित करने की माँग की। वहीं भाजपा के रवि किशन ने लड़कियों को अनिवार्य रूप से सैन्य प्रशिक्षण देने की व्यवस्था बनाने की माँग को उठाया।

शून्यकाल के दौरान भाजपा के अन्य नेताओं ने भी अपने अच्छे सुझावों को सामने रखा। भाजपा के ही सुशील कुमार सिंह ने इस दौरान किडनी संबंधी डायलिसिस योजना का जिक्र किया और बिहार के औरंगाबाद के जिला सदर अस्पताल में ऐसा केंद्र खोलने की माँग की। साथ ही भाजपा के रमेश बिधुड़ी ने दिल्ली में झुग्गी बस्ती के लोगों को बुनियादी सुविधा सुनिश्चित किए जाने की माँग को उठाया।

इसके अलावा भाजपा के अनुराग शर्मा, वाईएसआर कॉन्ग्रेस के रामकृष्ण राजू, शिवसेना के विनायक राउत और कई अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तान में गणेश मंदिर तोड़ने पर भारत सख्त, सालभर में 7 मंदिर बन चुके हैं इस्लामी कट्टरपंथियों का निशाना

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंदिर तोड़े जाने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया है।

अफगानिस्तान: पहले कॉमेडियन और अब कवि, तालिबान ने अब्दुल्ला अतेफी को घर से घसीट कर निकाला और मार डाला

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,173FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe