Sunday, October 17, 2021
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‘मंदिर बंद मदिरालय चालू’: महाराष्ट्र में BJP का जबर्दस्त प्रदर्शन, CM उद्धव ने राज्यपाल ने कहा- आपसे हिंदुत्व का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए

"हमारी माँग हैं कि हमें सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने दिया जाए। अगर वो हमें प्रवेश नहीं देते हैं, तो हम मंदिर में जाने के लिए अपना रास्ता बनाने के लिए बाध्य होंगे। यह एक अखिल महाराष्ट्र आंदोलन है क्योंकि हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द राज्य के सभी मंदिरों को पुनः खोल दिया जाए।"

महाराष्ट्र में मंदिरों को लेकर उद्धव ठाकरे की सरकार के रवैये के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री में ठन गई है। साथ ही भाजपा ने भी मंदिरों को खोलने के लिए विरोध प्रदर्शन चालू कर दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिरडी के साईं बाबा और प्रभादेवी के सिद्धिविनायक मंदिर के सामने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। उधर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे से पूछा है कि उन्हें कोई दिव्य प्रेम प्राप्त हुआ है या वो सेक्युलर हो गए हैं?

भाजपा नेता प्रसाद लाड को कार्यकर्ताओं संग हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल के पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें उनसे हिंदुत्व का पाठ पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। प्रदर्शनकारी भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग होने के बावजूद मंदिरों में घुसने की कोशिश में लगे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने कहा, “हमारी माँग हैं कि हमें सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने दिया जाए। अगर वो हमें प्रवेश नहीं देते हैं, तो हम मंदिर में जाने के लिए अपना रास्ता बनाने के लिए बाध्य होंगे। यह एक अखिल महाराष्ट्र आंदोलन है क्योंकि हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द राज्य के सभी मंदिरों को पुनः खोल दिया जाए।” कई पोस्टरों में कहा जा रहा है कि मंदिर बंद है और मदिरालय चालू है – ये कैसी सरकार है?

भाजपा की माँग है कि राज्य में सारे मंदिरों को खोलने की अनुमति दी जाए। राज्यपाल की आपत्ति इस बात को लेकर है कि राज्य सरकार ने जून में ही धार्मिक स्थलों को खोलने की घोषणा की थी लेकिन अब 4 महीने बाद भी मंदिर बंद ही हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि सारे रेस्टॉरेंट खुले हुए हैं। राज्यपाल ने उद्धव को याद दिलाया कि वो हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं और भगवान राम के लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से श्रद्धा व्यक्त की थी।

वहीं सीएम उद्धव का कहना है कि अचानक से लॉकडाउन लगाना सही निर्णय नहीं था और इसे एक बार में ही हटाना भी ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वो एक ऐसा व्यक्ति हैं जो हिंदुत्व का अनुसरण करते हैं और और उन्हें किसी से सर्टिफिकेट लेने की आवश्यकता नहीं है। पुणे शहर के ग्रामदैवत तांबड़ी जोगेश्वरी मंदिर के बाहर भजन कर भाजपा ने विरोध जताया। सारे भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन में लगे हुए हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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