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कंगना का केस लड़ने के लिए BMC ने अब तक खर्च किए 82.50 लाख रुपए, RTI से हुआ खुलासा

कंगना रनौत ने अपने ऑफिस में की गई तोड़-फोड़ के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका से 2 करोड़ रुपए का हर्जाना माँगा था। इससे बचने के लिए BMC ने जिस वकील को हायर किया है, उसे अब तक 82 लाख से ज्यादा रुपए देकर...

अभिनेत्री कंगना रनौत और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के बीच चल रहा केस सुर्खियों में बना हुआ है। वहीं इनके बीच का विवाद अब 82 लाख की पेमेंट पर आकर थम गया है।

दरअसल बीएमसी ने कंगना के मुंबई स्थित कार्यालय के एक हिस्से को ढहाया और कंगना ने केस किया। इस केस को लड़ने के लिए बीएमसी ने वकील नियुक्त किए। अब आरटीआई के माध्यम से यह खबर सामने आई है कि बीएमसी अब तक इस मामले में वकीलों को 82 लाख रुपए का पेमेंट कर चुकी है।

आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी में बताया गया है कि बीएमसी ने अब तक अदालत की कार्रवाई में तकरीबन 82,50,000 रुपये खर्च किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता शरद यादव ने बीएमसी में आवेदन कर यह जानकारी माँगी थी।

RTI में पूछा गया था कि इस मामले में बीएमसी ने किस वकील को नियुक्त किया है और इस पूरी प्रक्रिया में अब तक कितना खर्च हुआ है। आरटीआई का जवाब देते हुए बीएमसी ने बताया कि अब तक कुल 82 लाख 50 हजार रुपये बतौर फीस दिए गए हैं।

इसके जवाब में बीएमसी ने कहा, ”इस मामले की उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए आकांक्षा चिनॉय को वकील के रूप में नियुक्त किया गया है। बीएमसी की ओर से वो 11 बार कोर्ट में पक्ष रख चुकीं हैं और इसके लिए उन्हें 82 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया है।”

कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक संकट से जूझते हुए राज्य में बीएमसी द्वारा किए गए इस खर्च पर आरटीआई कार्यकर्ता यादव ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में इतनी मोटी रकम खर्च करने का क्या तुक है।

वहीं कंगना ने भी एक ट्वीट के माध्यम से राज्य सरकार और बीएमसी को घेरते हुए जम कर लताड़ा। कंगना ने ट्वीट में लिखा, “महानगर पालिका ने मेरे घर को गैर-कानूनी तरीके से ढहाने में अब तक वकीलों पर 82 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। पापा के पप्पू एक लड़की को परेशान करने के लिए जनता का पैसा खर्च कर रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज महाराष्ट्र कहाँ पहुँच गया है।”

बीजेपी के नेता नीतेश राणे ने भी इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि मुंबईकर पेंगुइन और कंगना के केस में वकीलों को पेमेंट करने के लिए टैक्स भरते हैं। अब क्या बचा है? इनके बच्चों की शादी भी हमारे पैसों से होगी लगता है।

गौरतलब है कि 8 सितंबर को बीएमसी ने कंगना के ऑफिस पर नोटिस चिपकाया गया था और अवैध निर्माण को लेकर 24 घंटे में जवाब माँगा था। लेकिन अगले दिन कंगना के मुंबई पहुँचने से पहले ही उनके ऑफिस में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

इसे लेकर एक्ट्रेस के वकील ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन जब तक कोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगाई, तब तक बंगले को 40 फीसदी ध्वस्त कर दिया गया था। इसमें झूमर, सोफा और दुर्लभ कलाकृतियों समेत कई कीमती संपत्ति भी शामिल है।

कंगना रनौत 9 सितंबर को मुंबई पहुँची थीं। 13 सितंबर को उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात कर उन्हें अपने साथ हुए अन्याय के बारे में बताया था। 14 सितंबर की सुबह वे मुंबई से मनाली लौट गईं।

अपने होमटाउन पहुँचने के बाद भी वे शिवसेना, कॉन्ग्रेस और महाराष्ट्र सरकार पर लगातार हमलावर रहीं। साथ ही कंगना रनौत ने अपने ऑफिस ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ में की गई तोड़-फोड़ के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका से 2 करोड़ रुपए का हर्जाना माँगा था। एक्ट्रेस ने इसके लिए बीएमसी को लीगल नोटिस जारी किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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