ममता बनर्जी ने सुरक्षा बलों को दी धमकी, लगाया घिनौना आरोप – कहा, याद रखें हम भी सत्ता में आएँगे

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से पूछा कि बिहार, यूपी और असम में सुरक्षा बलों की कितनी कम्पनियाँ भेजी गई हैं? उन्होंने चुनाव आयोग को भी राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए दोषी ठहराया।

ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर मतदाताओं से भाजपा को जबरन वोट दिलाने का आरोप लगाया है। ममता ने कहा कि चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए कह रहे हैं। ममता बनर्जी ने सीआरपीएफ व अन्य एजेंसियों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से इस बाबत शिकायत भी दर्ज कराई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मुझे ख़बर मिली है कि मालदा दक्षिण लोकसभा सीट के इंग्लिश बाजार में केंद्रीय बल के अधिकारी मतदान बूथ संख्या 166 और 167 में घुसे और उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को वोट डालने के लिए कहा। उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने उनके खिलाफ एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।” बता दें कि बांग्लादेशी घुसपैठिए और एनआरसी का मुद्दा उठा भाजपा ने ममता को बंगाल में चहुँओर घेर रखा है।

उन्होंने साथ ही सवाल भी दागा कि वे ऐसा क्यों करेंगे? ममता ने पूछा कि क्या ऐसा करना उनका कर्त्तव्य है? ममता बनर्जी ने आरोपों की झड़ी लगाते हुए आगे कहा, “मतदान अधिकारी की अनुमति लिए बिना पुलिस मतदान बूथ के अंदर नहीं घुस सकती। हमें ईटाहार (बालुरघाट) से भी ऐसी ही खबर मिली है। वे कतारों में खड़े लोगों से भाजपा को वोट देने के लिए कह रहे हैं। मैं केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस दोनों के प्रति प्रेम रखती हूँ, लेकिन उन्हें क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ख़ुद को सीमित रखना चाहिए और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।” सीएम ममता ने कहा कि वे सीआरपीएफ और राज्य पुलिस, दोनों से ही प्यार करती हैं।

ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को धमाके हुए ये याद रखने की सलाह दी कि वर्तमान केंद्र सरकार हमेशा के लिए नहीं है और कल को वो भी सत्ता में आएँगी। ममता ने कहा कि केंद्रीय बल याद रखें कि उन्हें हमारे साथ भी काम करना पड़ेगा। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार के कहने पर चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों की इतनी बड़ी तादाद में तैनाती की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में इतनी संख्या में तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि बिहार, यूपी और असम में सुरक्षा बलों की कितनी कम्पनियाँ भेजी गई हैं? उन्होंने चुनाव आयोग को भी इसके लिए दोषी ठहराया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पश्चिम बंगाल में मंगलवार (अप्रैल 23, 2019) को तीसरे चरण के चुनाव के दौरान मतदान हुए हिंसा की कई वारदातें सामने आईं। तीसरे चरण में 65% के क़रीब मतदान हुए। पश्चिम बंगाल की सीटों पर हुए मतदान में 79% मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राजनीतिक पंडित क़यास लगा रहे हैं कि इस बम्पर वोटिंग के क्या मायने हैं? मुर्शिदाबाद में तृणमूल और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए हिंसक संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मालदा के कालिया चौक स्थित पोलिंग बूथ के नज़दीक बदमाशों ने क्रूड बम फेंके। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की कुल 42 सीटें हैं। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने भी तृणमूल राज में हो रही हिंसा की वारदातों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

जम्मू कश्मीर पर UN की बैठक बुलाने वाला चीन हॉन्गकॉन्ग पर UN की रिपोर्ट को ग़लत बताता है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को आतंकी बताता है। उन्हें अपनी सेना का धौंस दिखा रहा है। जबकि हॉन्गकॉन्ग की 71% जनता चीनी कहलाने में गर्व महसूस नहीं करती।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

अमानुल्लाह जेहरी

PAk से आज़ादी माँग रहे बलूचिस्तान में बीएनपी नेता और उनके 14 साल के पोते को गोलियों से छलनी किया

पाकिस्तान को अपने स्वतन्त्रता दिवस (14 अगस्त) के दिन तब शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब ट्विटर पर बलूचिस्तान के समर्थन में BalochistanSolidarityDay और 14thAugustBlackDay हैशटैग ट्रेंड करने लगा था। इन ट्रेंडों पर तकरीबन क्रमशः 100,000 और 54,000 ट्वीट्स हुए।

राजस्थान: मुसलमानों के हाथों मारे गए हरीश जाटव के नेत्रहीन पिता के शव के साथ सड़क पर उतरे लोग, पुलिस से झड़प

हरीश जाटव की बाइक से एक मुस्लिम महिला को टक्कर लग गई थी। इसके बाद मुस्लिम महिला के परिजनों ने उसकी जमकर पिटाई की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस मॉब लिंचिंग के मामले को एक्सीडेंट साबित करने पर तुली हुई है।
चापेकर बंधु

जिसके पिता ने लिखी सत्यनारायण कथा, उसके 3 बेटों ने ‘इज्जत लूटने वाले’ अंग्रेज को मारा और चढ़ गए फाँसी पर

अंग्रेज सिपाही प्लेग नियंत्रण के नाम पर औरतों-मर्दों को नंगा करके जाँचते थे। चापेकर बंधुओं ने इसका आदेश देने वाले अफसर वॉल्टर चार्ल्स रैंड का वध करने की ठानी। प्लान के मुताबिक जैसे ही वो आया, दामोदर ने चिल्लाकर अपने भाइयों से कहा "गुंडया आला रे" और...
गुटखा

सिपाही ने गुटखा खाया लेकिन पैसे नहीं दिए, दुकानदार ने जब 5 रुपए माँगे… तो इतना मारा कि मर गया

उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने राहुल की चाय की दुकान से गुटखा लिया। लेकिन उसके पैसे दुकानदार को नहीं दिए। जब राहुल ने गुटखे के पैसे माँगे तो इस पर सिपाही को काफ़ी गुस्सा आ गया। उसने उसे वहीं बड़ी बेरहमी से पीटा और फिर अधमरी हालत में थाने ले जाकर...
कश्मीर

कश्मीरी औरतें (हिंदू-मुसलमान दोनों) जो हवस और जहन्नुम झेलने को मजबूर हैं

दहशतगर्दी के शुरुआती दिनों में आतंकियों को हीरो समझा जाता था। उन्हें मुजाहिद कहकर सम्मान भी दिया जाता था। लोग अपनी बेटियों की शादी इनसे करवाते थे लेकिन जल्दी ही कश्मीरियों को यह एहसास हुआ कि आज़ादी की बंदूक थामे ये लड़ाके असल में जिस्म को नोचने वाले भेड़िये हैं।
शाजिया इल्मी

भारत विरोधी नारे लगा रहे लोगों से सियोल में अकेले भिड़ गईं BJP नेता शाजिया इल्मी

शाजिया इल्मी को भारत विरोधी नारों से आपत्ति हुई तो वह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँच गईं और उन्हें समझाने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो वे भी इंडिया जिंदाबाद के नारे लगाने लगीं।
कविता कृष्णन

कविता कृष्णन का ईमेल लीक: देश विरोधी एजेंडे के लिए न्यायपालिका, सेना, कला..के लोगों को Recruit करने की योजना

वामपंथियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, स्क्रीनशॉट्स में इसकी भी नज़ीर है। कविता कृष्णन पूर्व-सैन्यकर्मी कपिल काक के बारे में बात करतीं नज़र आतीं हैं। वायुसेना के पूर्व उप-प्रमुख यह वामपंथी प्रोपेगंडा फैलाते नज़र आते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर की आशाओं पर खरा उतरने में असफलता पाई है, न कि कश्मीर ने भारत की
अब्दुल सईद गिरफ़्तार

DCP विक्रम कपूर आत्महत्या: ब्लैकमेल करने वाला इंस्पेक्टर अब्दुल सईद गिरफ़्तार, महिला मित्र के लिए…

इंस्पेक्टर अब्दुल सईद का भांजा मुजेसर थाने में एक मामले में नामजद था, उसे वो बाहर निकलवाना चाहता था। उसकी महिला मित्र का उसके ससुर के साथ प्रॉपर्टी को लेकर एक विवाद था, इस मामले में भी इंस्पेक्टर अब्दुल ने डीसीपी विक्रम कपूर पर...
'द वायर', बेगूसराय महादलित

‘मुस्लिम गुंडे नहाते समय मेरी माँ को घूरते’ – पीड़ित से The Wire के पत्रकार ने पूछा – तुम्हें बजरंग दल ने सिखाया?

द वायर' का पत्रकार यह जानना चाहता था कि क्या पीड़ित ने बजरंग दल के कहने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया है? हालाँकि, पीड़ित ने पत्रकार द्वारा बार-बार बात घुमाने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए बताया कि पुलिस को उसने जो बयान दिया है, वह उसका ख़ुद का है।
कपिल काक

370 पर सरकार के फैसले के खिलाफ SC पहुॅंचे पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक, कविता कृष्णन के लीक ईमेल में था नाम

वामपंथी एक्टिविस्ट कविता कृष्णन ने सोशल मीडिया में वायरल हुए अपने लीक ईमेल में भी कपिल काक, जस्टिस शाह के बारे में बात की है। लीक मेल में जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मिला विशेष दर्जा हटने के विरोध की रणनीति का ब्यौरा मौजूद है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

82,168फैंसलाइक करें
11,554फॉलोवर्सफॉलो करें
89,344सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: