Saturday, October 23, 2021
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‘अब नहीं होते यहाँ दंगे, हम राजनीतिक संक्रमण से भी लड़ रहे’: CM योगी ने सरकार में फेरबदल की मीडिया अटकलों को बताया निराधार

बकौल सीएम योगी, पार्टी को अपने कैडर को ज़िंदा रखना होता है, इसीलिए वरिष्ठ नेतागण हर दो महीने पर राज्य के संगठन के साथ बैठक करते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह भी हर महीने 2 बार राज्य का दौरा करते हैं।

मीडिया का एक बड़ा वर्ग उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की आहट शुरू होते ही भाजपा आलाकमान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच खटपट की ख़बरें चला रहा है और साथ ही यूपी सरकार में फेरबदल की संभावनाओं को बल दे रहा है। हाल ही में प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के दौरे के बाद मीडिया ने तरह-तरह के कयास लगाने शुरू किए थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (जून 7, 2021) को कहा कि राज्य में आगामी चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। TOI के साथ इंटरव्यू में यूपी सीएम ने कहा कि कुछ लोग भाजपा नेताओं के दौरों और बैठकों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, और इसे एक नया राजनीतिक घुमाव दे रहे हैं, जो कि निराधार है। उन्होंने कहा, “ये मीडिया वालों की मजबूरी है कि वो चीजों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर के सनसनी फैलाएँ, ताकि ध्यान खींचने वाले हेडिंग्स बनाए जा सकें।”

उन्होंने बताया कि इस तरह की बैठकें कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है, जो नेपोटिज्म में विश्वास नहीं रखती है। बकौल सीएम योगी, पार्टी को अपने कैडर को ज़िंदा रखना होता है, इसीलिए वरिष्ठ नेतागण हर दो महीने पर राज्य के संगठन के साथ बैठक करते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह भी हर महीने 2 बार राज्य का दौरा करते हैं।

सीएम योगी ने याद दिलाया कि 4 महीने पहले खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी लखनऊ आए थे। उन्होंने कहा कि 2014 का लोकसभा चुनाव, 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव और 2019 का लोकसभा चुनाव – भाजपा ने सभी जीते। साथ ही कहा कि हम न सिर्फ कोरोना संक्रमण से लड़ रहे हैं, बल्कि ‘राजनीतिक संक्रमण’ के खिलाफ भी पीएम मोदी ने नेतृत्व में लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सत्ताधारी दल होने के नाते भाजपा जनसेवा के कई माध्यमों में लगी हुई है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के हिसाब से भाजपा का संगठन कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी राहत कार्य में लगा रहा, जबकि बाकी दल कहीं दिखाई भी नहीं दे रहे थे। प्रियंका गाँधी द्वारा पत्र लिख-लिख कर कई मुद्दों पर ध्यान दिलाए जाने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि वो बस लाइमलाइट में बने रहने के लिए औपचारिकताएँ पूरी कर रही हैं।

उन्होंने पूछा कि जो लोग केवल ट्वीट कर रहे हैं, वो कोरोना की पहली और दूसरी लहर के वक़्त कहाँ थे? उन्होंने कहा कि इन लोगों के जींस में ही है कि ये लोगों की सेवा नहीं कर सकते। उन्होंने अपनी ‘राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा’ के सवाल पर कहा कि जब वो सांसद हुआ करते थे, तब भी उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं थी और आज भी नहीं है। उन्होंने खुद को भाजपा का एक ‘सामान्य सिपाही’ करार दिया, जो पीएम मोदी के विकास, सुरक्षा और समृद्धि के अभियान और भाजपा के स्वप्न के लिए कार्यरत है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले 4 वर्षों में उत्तर प्रदेश के विकास में जो उपलब्धि हासिल की है, हमारे पास ख़ुशी मनाने के लिए उससे बड़ा कोई कारण नहीं है। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान भी राज्य ने आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति बनाए रखी। उन्होंने लोगों का ध्यान दिलाया कि यूपी अब वो राज्य नहीं रहा, जहाँ आए दिन दंगे होते थे। उन्होंने यूपी को प्रति व्यक्ति आय में देश का नंबर-1 राज्य बनाने की बात करते हुए कहा कि यहाँ जाति, धर्म या भाषा के आधार पर अब किसी को प्राथमिकता नहीं दी जाती है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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