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पूरी दुनिया भारत से मँगा रही कोविड-वैक्सीन, छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार कह रही – ‘मत भेजो’

"जब तक छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पहलुओं पर विचार नहीं किया जाता, तब तक छत्तीसगढ़ में कोवैक्सीन की सप्लाई नहीं की जाए।" - यह छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, जबकि भारत की वैक्सीन पूरी दुनिया में सप्लाई हो रही।

पूरी दुनिया कोरोना महामारी का सामना करने के लिए भारत की तरफ आशा भरी नज़रों से देख रही है। पड़ोसी देशों से लेकर दुनिया के तमाम बड़े देशों तक, सभी भारत से कोरोना वैक्सीन की माँग कर रहे हैं। इसके विपरीत भारत का एक राज्य ऐसा है, जिसने कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति (सप्लाई) पर रोक लगाने की माँग की है। छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार ने भारत सरकार से साफ़ तौर पर कहा कि कोवैक्सीन (COVAXIN) की सप्लाई पर रोक लगा दी जाए। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार (11 फरवरी 2021) को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित हैं। महामारी का प्रसार रोकने के लिए इनका जल्द से जल्द इस्तेमाल बेहद ज़रूरी है। दरअसल कोवैक्सीन के परीक्षण (ट्रायल) पर चिंता जाहिर करते हुए टीएस सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख कर इसकी सप्लाई पर रोक लगाने की माँग की थी। 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में लिखा था, “मैंने उनसे (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री) से अनुरोध किया है कि जब तक हमारे स्वास्थ्य विभाग की सहमति से जुड़े पहलुओं पर विचार नहीं किया जाता, तब तक छत्तीसगढ़ में कोवैक्सीन की सप्लाई नहीं की जाए। जिससे दवा की शुरूआती खुराक की एक्सपायरी और बर्बादी से बचा जा सके।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने टीएस सिंह की इस बात का जवाब देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) 1940 के न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रूल्स (New Drugs and Clinical Trials Rules) 2019 के अंतर्गत इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया है।

इसके अलावा डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली हैं। लिहाज़ा इनका इस्तेमाल जल्द से जल्द किया जाना चाहिए, जिससे ज़रूरतमंदों को लाभ मिल सके। महामारी का दायरा बढ़ने से रोकने के लिए भी वैक्सीन ही इकलौता प्रभावी विकल्प है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़ कोवैक्सीन पर एक्सपायरी तारीख नहीं होने की छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की चिंता पूरी तरह निराधार है क्योंकि, वैक्सीन की शीशियों पर लेबल लगा कर इस तरह की जानकारी प्रदान की जाती है।   

गौरतलब है कि कुछ देशों ने भारत सरकार से इसकी माँग की है तो कुछ सीधे वैक्सीन डेवलपर कंपनियों को इसके ऑर्डर भेज रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की वैक्सीन को लेकर डोमिनिकन रिपब्लिक अपनी काफी दिलचस्पी दिखाई थी। वहाँ के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।

डोमिनिकन रिपब्लिक से पहले वैक्सीन को लेकर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा बोलीविया की सरकार ने 50 लाख डोज कोरोना वैक्सीन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है

दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड भी भारत की वैक्सीन के लिए बेताब हैं। भारत सरकार अपने पड़ोसी नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार समेत कई पड़ोसी देशों को पहले वैक्सीन की खेप भेजेगी। इसी के तहत कई देशों को वैक्सीन की आपूर्ति भी की जा चुकी है तो वहीं कुछ देशों को आने वाले कुछ ही दिनों में की जाएगी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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