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घूस लेकर चीनी नागरिकों को वीजा: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ CBI के बाद अब ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, पूछताछ के लिए होंगे समन

ये मामला 2011 का है, जब केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार थी और पी चिदंबरम गृहमंत्री थे। उसी वक्त पंजाब में एक बिजली कंपनी में काम करने के लिए 250 चीनियों को वीजा जारी किया गया।

कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की मुसीबतें बढ़ सकती है। चीनी नागरिकों को रिश्वत के बदले वीजा के मामले में सीबीआई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामला दर्ज कर जाँच तेज करने का फैसला लिया है। ईडी ने सीबीआई से कुछ दस्तावेजों की डिटेल माँगी है, ताकि जाँच में शामिल किया जा सके। ये दस्तावेज सीबीआई को कार्ति के ठिकानों पर छापेमारी में मिले थे।

CBI ने कार्ति के ठिकानों पर मारे थे छापे

ये मामला 2011 का है, जब केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार थी और पी चिदंबरम गृहमंत्री थे। उसी वक्त पंजाब में एक बिजली कंपनी में काम करने के लिए 250 चीनियों को वीजा जारी किया गया। इसमें नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ था। आरोप है कि उनके पिता गृहमंत्री थे, ऐसे में उन्होंने नियम के खिलाफ वीजा जारी करवाया। उस समय वेदांत समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) पंजाब में एक प्लांट लगा रही थी और इसके लिए चीनी कंपनी को जिम्मा दिया गया था।

सीबीआई की एफआईआर के अनुसार कार्ति और उनके के बेहद करीबी एस भास्कररमन को TSPL के एक अधिकारी ने 50 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। इसी मामले में हाल ही में भास्कररमन को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। वहीं चेन्नई और दिल्ली में चिदंबरम के आवासों समेत देश के अनेक शहरों में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था।

अब ED ने दर्ज किया मामला

अब इसी मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने भी एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए उसी मामले को दर्ज कर लिया है। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस केस को टेकओवर कर लिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में ईडी कार्ति चिदंबरम सहित कई अन्य आरोपितों को पूछताछ के लिए समन भेजेगी और आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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