Thursday, January 21, 2021
Home देश-समाज IIT-B के छात्र नागरिकता विधेयक के पक्ष में, वामपंथी फैकल्टी के डर से नहीं...

IIT-B के छात्र नागरिकता विधेयक के पक्ष में, वामपंथी फैकल्टी के डर से नहीं आ रहे सामने

एक वामपंथी गिरोह आईआईटी बॉम्बे में सक्रिय है, जो छात्रों के बीच नागरिकता विधेयक के बढ़ते समर्थन को दबाने के लिए छल-प्रपंच से लेकर दबी-छुपी और खुली धमकियों तक हर हथकण्डा आजमाने से बाज नहीं आ रहा है।

नागरिकता विधयेक को लेकर विरोध जुटाने में असफ़ल हो रहे वामपंथियों के गिरोह अब लोगों के साथ ज़ोर-ज़बर्दस्ती कर उनका इस बिल के समर्थन को दबाने में जुटे हैं। ऐसा ही एक वामपंथी गिरोह आईआईटी बॉम्बे में सक्रिय है, जो छात्रों के बीच इस विधेयक के बढ़ते समर्थन को दबाने के लिए छल-प्रपंच से लेकर दबी-छुपी और खुली धमकियों तक हर हथकण्डा आजमाने से बाज नहीं आ रहा है।

अधिकांश छात्र पक्ष में

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (जिस पर फ़िलहाल राज्य सभा में बहस जारी है) के पक्ष में सामान्य, राजनीतिक छात्र संगठनों से असंबद्ध छात्र खुल कर उतर आए हैं। ऑपइंडिया के संवाददाता से बात करते हुए मुंबई में स्थित IIT बॉम्बे के छात्रों ने बताया कि हालाँकि कैम्पस के अधिकांश छात्र राजनीति में अधिक रुचि नहीं रखते, लेकिन इस मुद्दे को छात्रों के एक बड़े तबके का समर्थन हासिल है। चूँकि इन छात्रों की राजनीतिक गतिविधियाँ नगण्य होतीं हैं, इसलिए उनका समर्थन आम तौर पर अपने फेसबुक स्टेटस, वॉट्सऍप स्टोरी आदि में ही समर्थन दिखाने तक ही सीमित है, लेकिन इससे इस विषय पर कैम्पस के आम तौर पर माहौल और रुख का अंदाज़ा आराम से लगाया जा सकता है।

वामपंथी फैकल्टी का डर

लेकिन अधिकांश शिक्षक-वर्ग (फैकल्टी) के वामपंथी होने के चलते राजनीतिक रुख का नुकसान मार्कशीट पर दिखने का डर भी छात्रों को सताने की बात हमें पता चली है। छात्रों के बहुत मुखर न होने का एक कारण यह भी बताजा जा रहा है।

देश को कैम्पस के रुख के बारे में बरगलाने की कोशिश

इसके अलावा वामपंथी छात्र और उनके संगठन कैम्पस का माहौल बिगाड़ने, और अपने असल में हाशिये पर पड़े विचार को कैंपस की विचारधारा दिखाने की कोशिश हो रही है। इसी कड़ी में वामपंथियों ने एक ऐसा ‘आंदोलन’ परिसर में करने की कोशिश की, जिससे परिसर और संस्थान का माहौल बिगड़ना पक्का था। इसी ‘समझदारी’ में इस प्रदर्शन के पोस्टरों में इसका आयोजन करने वालों का नाम नहीं दिया गया था।

इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे में कम्प्यूटर साइंस के एक शोधार्थी छात्र ने हमारे संवाददाता को बताया कि इस समय खाली कैम्पस देख कर वामपंथी अपने रुख को कैम्पस का रुख दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। चूँकि अधिकांश छात्र (जिनमें बहुतायत विधेयक के समर्थकों की है) उपस्थित नहीं हैं, इसलिए विधेयक के मुट्ठी-भर विरोधी इकट्ठे होकर ऐसा जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे ही समूचे कैम्पस के प्रतिनिधि हैं। इस षड्यंत्र में उनके साथ कुछ वामपंथी समाचार पत्र भी शामिल हैं, जो इस भ्रामक आशय को फ़ैलाने वाली खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Nupur J Sharma
Editor, OpIndia.com since October 2017

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

‘अल्लाह’ पर टिप्पणी के कारण कंगना के अकॉउंट पर लगा प्रतिबंध? या वामपंथियों ने श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंग को बताया ‘हिंसक’?

"जो लिब्रु डर के मारे मम्मी की गोद में रो रहे हैं। वो ये पढ़ लें कि मैंने तुम्हारा सिर काटने के लिए नहीं कहा। इतना तो मैं भी जानती हूँ कि कीड़े मकोड़ों के लिए कीटनाशक आता है।"

‘मस्जिदों से घोषणा होती थी कौन कब मरेगा, वो चाहते थे निजाम-ए-मुस्तफा’: पत्रकार ने बताई कश्मीरी पंडितों के साथ हुई क्रूरता की दास्ताँ

आरती टिकू सिंह ने अपनी आँखों से कश्मीरी पंडितों के पलायन का खौफनाक मंजर देखा है। उनसे ही सुनिए उनके अनुभव। जानिए कैसे मीडिया ने पीड़ितों को ही विलेन बना दिया।

स्वामीये शरणम् अय्यप्पा: गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर सुनाई देगा ब्रह्मोस रेजिमेंट का यह वॉर क्राई

861 मिसाइल रेजिमेंट, राजपथ पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन करेगी। रेजिमेंट का 'वॉर क्राई' हो- स्वामीये शरणम् अय्यप्पा

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।
- विज्ञापन -

 

00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

3 में 3 स्टार, 4 लाख में 4… ऐसे दी जाती है बॉलीवुड फिल्मों की रेटिंग: फिल्ममेकर ने खुद बताई हकीकत

विकास खन्ना ने कहा कि उन्हें 'पक्षपात और भाई-भतीजावाद का पहला अनुभव' हुआ जब क्रिटिक्स में से एक ने उन्हें उनकी फिल्म के रिव्यू के लिए पैसे देने के लिए कहा और इसके लिए राजी नहीं होने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।

चारों ओर से घिरी Tandav: मुंबई, UP में FIR के बाद अब इंदौर के न्यायालय में हुई शिकायत दर्ज

UP पुलिस 'तांडव' की पूरी टीम और अमेजन प्रबंधन से पूछताछ कर रही है तो दूसरी ओर इंदौर में अब तांडव को लेकर जारी आक्रोश न्यायालय तक पहुँ च गया है।

‘हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है’: भगोड़े जाकिर नाइक का एक और ‘हास्यास्पद’ दावा, देखें वीडियो

डॉ. जाकिर नाइक ने इस बार एक और विवादित दावा किया है। यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उसने दावा किया है कि 'हर बच्चा मुसलमान पैदा होता है।'

127 साल पुरानी बाइबिल से शपथ लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन: जानिए क्या है ऐसा करने की खास वजह

यह बाइबिल बाइडेन के पिता की ओर से है। जोकि 1893 से उनके परिवार के पास है। उन्होंने अपने सभी सात शपथ ग्रहण समारोहों के लिए एक ही बाइबिल का उपयोग किया है।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

ऐलान के बाद केजरीवाल सरकार ने नहीं दिया 1 करोड़ का मुआवजा: कोरोना से मृत दिल्ली पुलिस जवानों के परिवार को अभी भी है...

केजरीवाल ने दिवंगत दिल्ली पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए बलिदान के बारे में ट्विटर पर बताते हुए कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe