Homeराजनीति'20 मिनट में सुलझा 21 साल पुराना विवाद': सीएम योगी ने उत्तराखंड को सौंपा...

’20 मिनट में सुलझा 21 साल पुराना विवाद’: सीएम योगी ने उत्तराखंड को सौंपा अलकनंदा, यूपी को मिला ‘भागीरथी’

अलकनंदा होटल हर की पौड़ी के पास गंगा नहर के किनारे स्थित है। इसे 1964 में यूपी पर्यटन निगम द्वारा बनाया गया था। अलग राज्य बनने के बावजूद उत्तराखंड में 4,000 आवासीय भवनों, 357 गैर-आवासीय भवनों और 13,813 हेक्टेयर भूमि पर यूपी सिंचाई विभाग का नियंत्रण है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गुरुवार (5 अप्रैल 2022) को ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड (Uttarakhand) के बंटवारे के साथ शुरू हुए संपत्ति विवाद को आखिरकार को 21 साल बाद सुलझा लिया गया है। इसमें अलकनंदा होटल उत्तराखंड सरकार को सौंप दिया गया, जबकि भागीरथी होटल को यूपी सरकार को दिया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को अलकनंदा होटल को सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने हरिद्वार में ₹41 करोड़ की लागत से यूपी सरकार द्वारा निर्मित भागीरथी गेस्ट हाउस का भी उद्घाटन किया। सीएम योगी ने कहा कि ये सब कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण से प्रेरित है।

सीएम योगी ने कहा, “गंगा का जन्म तभी होता है जब भागीरथी और अलकनंदा एक साथ आती हैं। यूपी-उत्तराखंड भले ही दो अलग राज्य हों, लेकिन दोनों राज्यों के लोगों की जनभावनाएँ एक जैसी ही हैं। हमने इसे नौकरशाही पर नहीं छोड़ते हुए राजनीतिक रूप से बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाया है।” उन्होंने कहा कि यह समाधान देश में दो राज्यों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि जब वो 2017 में मुख्यमंत्री बने थे, उसके एक सप्ताह के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने अलकनंदा होटल को उत्तराखंड को सौंपने के संबंध में दोनों राज्यों के बीच संपत्ति विवाद को सुलझाने में देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इसे प्राथमिकता के आधार पर लिया, ताकि इस तरह के अंतरराज्यीय विवादों को अदालतों में सालों तक घसीटा न जाए, बल्कि बातचीत से सुलझाया जाए।” इस मौके पर सीएम योगी ने उत्तराखंड सरकार को राज्य में इको-टूरिज्म और पर्यटन गतिविधियों की अपार संभावनाओं का पता लगाने का सुझाव भी दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।

गौरतलब है कि अलकनंदा होटल हर की पौड़ी के पास गंगा नहर के किनारे स्थित है। इसे 1964 में यूपी पर्यटन निगम द्वारा बनाया गया था। अलग राज्य बनने के बावजूद उत्तराखंड में 4,000 आवासीय भवनों, 357 गैर-आवासीय भवनों और 13,813 हेक्टेयर भूमि पर यूपी सिंचाई विभाग का नियंत्रण है। साल 2000 में राज्य के बंटवारे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अलकनंदा होटल को छोड़ने से इनकार कर दिया था।

ट्रिपल इंजन सरकार को दिया क्रेडिट

इस मौके पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के विवाद को 20 मिनट में सुलझाने का दावा किया। उन्होंने इसका श्रेय सीएम योगी आदित्यनाथ की कोशिशों और ट्रिपल इंजन की सरकार को दिया है। धामी ने कहा कि इससे पहले तक अलग-अलग सरकारों के होने के कारण इस मसले का समाधान नहीं हो पा रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है आइसोब्यूटेनॉल जो 15% डीजल में मिलाने की तैयारी, E20 पर चल रहे विवाद के बीच शुरू हुई चर्चा: जानिए सबकुछ

नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल को सीधे डीजल के साथ नहीं मिलाया जा सकता इसीलिए सरकार अब एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है। यह सफल हो चुकी है।

‘डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं’: CM हिमंता बोले- CAA से मिला संरक्षण, समझें- इस नेता ने कैसे पाट दी असमिया-गैर असमिया...

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के डिटेंशन सेंटर में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है। CAA, NRC और घुसपैठियों-शरणार्थियों के अंतर पर रखा पक्ष।
- विज्ञापन -