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हिमाचल प्रदेश में बनेगा ‘सवर्ण आयोग’: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का ऐलान, गंगाजल और मंत्रोच्चार के साथ प्रदर्शन समाप्त

प्रदर्शनकारियों ने हरिद्वार से लाए गंगाजल को लेकर विधानसभा में घुसकर विधायक विक्रमादित्य सिंह को छोड़कर बाकी सभी विधायकों के शुद्धिकरण का ऐलान किया था। उनके मुताबिक, सिर्फ विक्रमादित्य सिंह ने उनकी माँगों का समर्थन किया था।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आंदोलनकारियों की माँगों को मानते हुए शुक्रवार (10 दिसंबर) को आखिरकार सामान्य वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर गई है। राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में बताया कि ‘सामान्य वर्ग आयोग’ का अगले तीन महीने में गठन कर दिया जाएगा। इस आयोग के गठन की माँग को लेकर हजारों प्रदर्शनकारी लगातार आंदोलन कर रहे थे।

नोटिफिकेशन

विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, ‘”हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग के लोग लम्बे समय से माँग कर रहे थे कि सामान्य वर्ग के लोगों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए के लिए प्रदेश में सामान्य वर्ग आयोग का गठन किया जाए। वर्तमान प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के प्रति वचनबद्ध है। सरकार ने हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएँ चलाई हैं, जिससे उन्हें प्रगति व विकास के समान अवसर मिल सके।”

उन्होंने प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे राज्य में शांति और सौहार्द्र बनाए रखें और कोई ऐसा काम ना करें, जिससे हिमाचल प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल व शांतिप्रिय लोगों की छवि धूमिल हो।

जयराम ठाकुर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला का जोरावर स्टेडियम सामान्य वर्ग आयोग के गठन की माँग को लेकर लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में पूरे प्रदेश के लोग जमा थे। पुलिस ने उन पर पानी की बौछार और हल्का बल प्रयोग किया था, फिर भी प्रदर्शनकारी अड़े रहे। इस दौरान बैरिकेड तोड़ दिए गए और विधानसभा में घुसने का प्रयास किया गया। DGP व कई अन्य अधिकारियों ने मामले को शांत करने की कोशिश की पर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़े थे। आख़िरकार मुख्यमंत्री को वार्ता के लिए आना पड़ा और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों की माँगे मान ली।

मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया पूरी होने में 3 माह का समय लगने की बात कही है। दरअसल, प्रदर्शनकारियों ने हरिद्वार से लाए गंगाजल को लेकर विधानसभा में घुसकर विधायक विक्रमादित्य सिंह को छोड़कर बाकी सभी विधायकों के शुद्धिकरण का ऐलान किया था। उनके मुताबिक, सिर्फ विक्रमादित्य सिंह ने उनकी माँगों का समर्थन किया था। हालाँकि, मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद प्रदर्शनकारियों ने मंत्रोच्चार और गंगाजल को छिड़ककर प्रदर्शन खत्म कर दिया। इससे पहले इस आयोग की माँग को लेकर सवर्ण समाज ने 800 किलोमीटर की पद यात्रा भी की थी।

इस दौरान देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर और देवभूमि स्वर्ण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ठाकुर ने कहा कि आज तक सभी राजनीतिक दलों ने सवर्ण समाज के साथ छल-कपट और भेदभाव की राजनीति ही की है। उन्होंने कहा कि जातिगत आरक्षण को जल्द खत्म किया जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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