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ईसा मसीह की सबसे ऊँची प्रतिमा के लिए भी जमीन घोटाला! चारागाह को कॉन्ग्रेसी नेता ने बताया बंजर भूमि

"अपने नेता पर प्रभाव बनाने के लिए, यह भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के विरूद्ध हैं। लेकिन, अपने पैसे से ईसा मसीह की प्रतिमा बनाने जा रहे हैं। अब तो सिद्धरमैया भी डी शिवकुमार को कर्नाटक कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनने से नहीं रोक सकते।"

कर्नाटक के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस के विधायक डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु से 50 किमी दूर अपने कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्रिसमस के तोहफ़े के रूप में ईसा मसीह की सबसे ऊँची प्रतिमा बनाने के लिए 10 एकड़ ज़मीन दी थी। इसकी क़ीमत उन्होंने अपने निजी कोष से 10.80 लाख रुपए देकर चुकाई थी।

ख़बर के अनुसार, येदियुरप्पा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा स्वीकृत भूमि की फिर से जाँच करने का फ़ैसला किया है। राजस्व मंत्री आर अशोका ने कहा कि आवंटित भूमि गोमला (चारागाह के तौर पर इस्तेमाल होने वाली सामुदायिक ज़मीन) है, न कि एक बंजर भूमि, जिसका दावा शिवकुमार ने किया था। उन्होंने कहा, “मैंने रामनगर ज़िले के डिप्टी कमिश्नर को भूमि आवंटन पर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।”

दरअसल, कनकपुरा में हरोबेले के ईसाई बहुल गाँव कपालीबेट्टा में ईसा मसीह की 114 फीट ऊँची प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव है। कनकपुरा शिवकुमार का विधानसभा क्षेत्र है। शिवकुमार के कार्यालय ने बताया कि उन्होंने अपने फंड से कपालीबेट्टा में न्यास के लिए सरकार से 10 एकड़ ज़मीन ख़रीदी थी। यह न्यास ही इस प्रतिमा का निर्माण करवा रहा है। कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार ने दावा किया कि यह प्रतिमा दुनिया में ईसा मसीह की सबसे ऊँची प्रतिमा होगी। इसकी आधारशिला उन्होंने 25 दिसंबर को एक प्रार्थना सभा में रखी थी। 

वहीं, शिवकुमार पर तीखा हमला करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने वाले कॉन्ग्रेस नेता ईसा मसीह की प्रतिमा के लिए धन दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अपने नेता पर प्रभाव बनाने के लिए, कॉ़न्ग्रेस के नेता, जो भारत में जन्में वह भगवान राम के लिए भव्य मंदिर के निर्माण के विरूद्ध हैं। लेकिन, अपने पैसे से ईसा मसीह की प्रतिमा बनाने जा रहे हैं। अब तो सिद्धरमैया भी उन्हें (डी शिवकुमार को) कर्नाटक कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनने से नहीं रोक सकते।”

ग़ौरतलब है कि कर्नाटक कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक डीके शिवकुमार वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ज़मानत पर बाहर हैं। उन्हें इस मामले के संबंध में चार दिनों की पूछताछ के बाद 3 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ़्तार किया था। ईडी ने गिरफ़्तार करने के बाद उनसे 14 दिन तक लगातार पूछताछ की थी। इसके बाद, 17 सितंबर को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें 1 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद 30 सितंबर को उनकी ज़मानत याचिका पर सुनवाई हुई, उस समय कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई 14 अक्टूबर तक के लिए टाल दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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