शीला दीक्षित की मौत के जिम्मेदार चाको: संदीप के आरोप के बाद कॉन्ग्रेस में उठी इस्तीफे की माँग

इस पूरे मामले में दिल्ली कॉन्ग्रेस के प्रभारी पीसी चाको ने मीडिया से बातचीत में संदीप की चिट्ठी मिलने की बात स्वीकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पास भेज दिया है।

आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली पर करीब 15 साल तक शीला दीक्षित के नेतृत्त्व में राज करने वाली कॉन्ग्रेस की आतंरिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है। एक ओर सभी दल चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस अपनी अंदरूनी कलह से निपटने की बजाय उसे सड़क पर ले आई है।

दरअसल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की जुलाई में मृत्यु हो गई थी इसके बाद उनके बेटे संदीप दीक्षित ने दिल्ली में कॉन्ग्रेस के प्रभारी पीसी चाको को अपनी माँ शीला की मृत्यु का ज़िम्मेदार ठहराया था। इस मामले में संदीप ने पीसी चाको को एक कानूनी नोटिस भी भेज दिया है। संदीप ने चाको पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी पैदा की गईं राजनीतिक परिस्थितियों के चलते शीला तनाव में आई और उनकी मृत्यु हो गई। इसी सम्बन्ध में संदीप ने चाको को नोटिस भेजते हुए कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है। हालाँकि, नोटिस को लेकर कॉन्ग्रेस नेता चाको का कहना है कि इस नोटिस में क्या है वह अभी कुछ कह नहीं सकते।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की हार के बाद समीक्षा के लिए एक कमिटी का गठन किया गया जिसकी रिपोर्ट को आधार बनाकर दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली में सभी जिला तथा ब्लाक स्तर की सभी कमिटियों को भंग कर दिया था। बताते हैं कि शीला के इस आदेश को पीसी चाको ने भंग कर पुरानी कमेटियों को बनाये रखने का आदेश दिया था जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद गहरा गए थे।

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बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉन्ग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तबियत ख़राब चल रही थी और वे अस्पताल में भर्ती थीं। हालाँकि, अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर शीला दीक्षित का निधन हो गया था। इस पूरे मामले में दिल्ली कॉन्ग्रेस के प्रभारी पीसी चाको ने मीडिया से बातचीत में संदीप की चिट्ठी मिलने की बात स्वीकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पास भेज दिया है।

इसी मामले को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर पीसी चाको के इस्तीफे की भी माँग की है, मगर इस पूरे मामले की जड़ यानी जिस चिट्ठी के चलते पूरा विवाद शुरू हुआ है उसमें ऐसा क्या लिखा है इस मुद्दे पर दोनों में से किसी ने भी अभी तक खुलकर कोई बात नहीं कही है। मामले में संदीप की चिट्ठी और आरोपों के पलटवार में दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि संदीप ने उनपर जो आरोप लगाए हैं वो गंदे और बेहूदा हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शीला दीक्षित ने अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष को चिट्ठी भेजी थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह मानसिक तनाव में हैं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शीला ने इसमें लिखा था कि उन्हें लगातार पीसी चाको द्वारा परेशान किया जा रहा है, उनके हर राजनीतिक फैसले को पीसी चाको निरस्त कर देते हैं।

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