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अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर कॉन्ग्रेस विधायक, ट्रैक्टर चालक की मौत का मामला

पुलिस मौत को दुर्घटनावश बता रही है, वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्या में पुलिस का हाथ है। हरीश मीणा पार्थिव शरीर के साथ नगरफोर्ट में धरने पर बैठे हैं।

राजस्थान कॉन्ग्रेस के विधायक और पूर्व पुलिस महानिदेशक हरीश मीणा अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि उनके विरोध प्रदर्शन के बावजूद राज्य सरकार उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही जिन्होंने कथित तौर पर एक ट्रैक्टर-चालक की टोंक में बुधवार को पीट-पीट कर (लिंचिंग कर) हत्या कर दी थी। उनका धरना तीन दिन से जारी है। उनकी माँग भजनलाल मीणा नामक ट्रैक्टर-चालक को न्याय दिलाने की है, जिनकी संदेहास्पद स्थितियों में टोंक के लक्ष्मीपुरा गाँव में मौत हो गई थी।

भजनलाल की लाश के साथ धरना, भाजपा भी कूदी मैदान में

हरीश मीणा को भाजपा नेताओं का भी समर्थन मिलने लगा है। भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीमल मीणा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों की माँगें 5 जून तक पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। राजस्थान विधानसभा के उप नेता विपक्ष और भाजपा विधायक राजेंद्र राठौर ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अशोक गहलोत की राज्य सरकार के दिन अब गिनती के हैं क्योंकि उनके खुद के विधायकों को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ रहा है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने भी आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस सरकार जान बूझकर मामला दबाने की कोशिश कर रही है। जहाँ पुलिस भजनलाल मीणा की मौत को दुर्घटनावश बता रही है वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी हत्या में पुलिस का हाथ है। हरीश मीणा भजनलाल के पार्थिव शरीर और उनके परिवारजनों के साथ नगरफोर्ट गाँव में धरने पर बैठे हैं

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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