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कॉन्ग्रेस नेता ने गुस्से में लगाई पार्टी के झंडे में ही आग, चुनाव प्रचार सामग्री को भी किया खाक

सिर्फ़ हैदराबाद ही नहीं, अन्य राज्यों में भी कॉन्ग्रेस पार्टी के कई नेता पहले ही पार्टी को छोड़ चुके हैं। ऐसे में देखना है कि कार्यकर्ताओं की पार्टी से शिकायत से लेकर मतदाताओं को मनाने तक कॉन्ग्रेस किस तरह खुद को लोक सभा चुनाव तक मजबूत रख पाती है।

हैदराबाद में एक कॉन्ग्रेस नेता ने गुस्से में आकर पार्टी के झंडे के साथ अन्य चुनाव प्रचार सामग्री में आग लगा दी। साथ ही आरोप लगाया कि पार्टी में उनके कार्यों और प्रयासों को तवज्जों नहीं दी जाती है, इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि वो अब टीआरएस में शामिल हो जाएँगे।

इस कॉन्ग्रेसी नेता का नाम कृष्णक मन्ने है। कृष्णक का कहना है कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है क्योंकि तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) अध्यक्ष यूके रेड्डी उनके किए कार्यों को तवज्जो नहीं देते थे। जिसके कारण वो काफ़ी निराश हैं। उनका आरोप है कि पार्टी के नेताओं ने बहुत पैसा कमा लिया है लेकिन फिर भी पार्टी के लिए काम नहीं करते हैं।

कृष्णक ने बताया कि वह केटी रामा राव की मौजूदगी में टीआरएस में शामिल होंगे। कृष्णक के साथ कॉन्ग्रेस को लगने वाले झटके चुनाव के नज़दीक आते-आते बढ़ते ही जा रहे हैं। इसके पूर्व कॉन्ग्रेस के 2 विधायक आर के राव और अतराम सक्कू ने भी कॉन्ग्रेस को छोड़कर टीआरएस में शामिल होने का फैसला लिया था। इसके पीछे उन्होंने कारण दिया था कि अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और हित के लिए यह कदम उठाया है।

कृष्णक मन्ने सिकंदराबाद के जाने-माने नेताओं में से एक हैं। उनका कहना है कि 2014 के चुनावों में उन्हें सिकंदराबाद से उम्मीदवार घोषित किया गया था लेकिन आखिरी समय में उनके नाम को वापस ले लिया गया। मन्ने ने 2012-13 में तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिलाने की माँग की थी, और बाद में वह कॉन्ग्रेस से जुड़ गए थे।

बता दें कि सिर्फ़ हैदराबाद ही नहीं, अन्य राज्यों में भी कॉन्ग्रेस पार्टी के कई नेता पहले ही पार्टी को छोड़ चुके हैं। ऐसे में देखना है कि कार्यकर्ताओं की पार्टी से शिकायत से लेकर मतदाताओं को मनाने तक कॉन्ग्रेस किस तरह खुद को लोक सभा चुनाव तक मजबूत रख पाती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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