कॉन्ग्रेस के पूर्व सांसद आए BJP के साथ, 8 नेता पहले ही छोड़ चुके हैं पार्टी का हाथ

वैसे तो चुनावी हवा में बहकर बहुत से नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं। लेकिन इस सूची में कॉन्ग्रेस नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

चुनाव के नजदीक आने के साथ ही एक तरफ जहाँ किसी राजनैतिक पार्टी को मजबूत होते जाना चाहिए, वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी दिन पर दिन कमजोर हो रही है। कल टॉम वडक्कन के भाजपा में शामिल होने के साथ ही कॉन्ग्रेस को एक बड़ा झटका लगा। और आज हरियाणा के पूर्व कॉन्ग्रेस सांसद अरविंद शर्मा ने भी उचित नेतृत्व को पहचानते हुए भाजपा का हाथ थाम लिया है।

अरविंद शर्मा के राजनैतिक करियर के बारे में अगर बात करें, तो उन्होंने 1996 में 11वीं लोकसभा सीट के चुनाव में सोनीपत सीट से बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसके बाद वो शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष रहे, उन्होंने वहाँ से चुनाव लड़ा लेकिन वह हार गए। जिसके बाद वे कॉन्ग्रेस में शामिल हुए। कॉन्ग्रेस से अरविंद ने करनाल लोकसभा से 2004 और 2009 में चुनाव लड़ा और यहाँ से उन्होंने दोनों बार जीत हासिल की, तीसरी बार 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के अश्विनी चोपड़ा से हार का मुँह देखना पड़ा। फिर उन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी और बसपा ज्वॉइन की।

बसपा की ओर से अरविंद शर्मा ने विधानसभा चुनाव 2014 लड़ा, लेकिन इसमें भी वे हार गए। फिलहाल इन दिनों वो किसी पार्टी के सदस्य नहीं थे।

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इसके अलावा आपको बता दें कि केवल अरविंद शर्मा और टॉम वडक्कन ही नहीं बल्कि कई नेता इन दिनों अपनी पार्टियाँ छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उम्मीद है इससे उन लोगों के सुरों पर सवालिया निशान लगेगा जो मोदी को तानाशाह बताकर उनकी तुलना हिटलर से करते हैं। वैसे तो चुनावी हवा में बहकर बहुत से नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं। लेकिन इस सूची में कॉन्ग्रेस नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। टॉम की ही तरह हाल ही में तृणमूल कॉन्ग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने भी भाजपा के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।

हाल ही में कॉन्ग्रेस पार्टी को छोड़ने वालों में कर्नाटक के पूर्व विधायक उमेश जाधव का नाम भी शामिल है। इनके साथ ही महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय भी मंगलवार (मार्च 12, 2019) को पिता के ख़िलाफ़ जाते हुए बीजेपी में शामिल हुए।

ऐसे ही कुछ दिन पहले कॉन्ग्रेस के 3 विधायकों ने गुजरात में इस्तीफ़ा दिया था। इन में जामनगर के विधायक वल्लभ धारविया ने विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदीको अपना इस्तीफा सौंप दिया है। पार्टी के पूर्व सहयोगी परषोत्तम सबारिया भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के बाद से अब तक कॉन्ग्रेस के 5 विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। 8 मार्च को माणवदर से कॉन्ग्रेस विधायक जवाहर चावड़ा ने भी विधानसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन कर लिया था।


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