Thursday, October 22, 2020
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इलेक्शन है तो मंदिर भी जाना पड़ता है – 582 दिनों का सच अब आया सामने

'चुनाव के समय मंदिर जाना और आशीष लेना' - यह एक स्टेशन का नाम है। वैसे तो यह स्टेशन पहले भी आ चुका है, लेकिन इस बार वाले में ग्लैमर है, बॉलीवुड है, और तो और 'मुसलमान' भी है!

जामा मस्जिद के शाही इमाम द्वारा किसी खास पार्टी के समर्थन की घोषणा करने से लेकर जनेऊ और शिव-भक्त बनते हुए भारतीय राजनीति ने लंबा सफर तय कर लिया है। इस सफर में मजार पर चढ़ते चादर से लेकर गंगा आरती तक के स्टेशन आए। अब जो स्टेशन आया है, वो है – मंदिर जाना और आशीष लेना। वैसे तो यह स्टेशन पहले भी आ चुका है, लेकिन इस बार वाले में ग्लैमर है, बॉलीवुड है, ‘मुसलमान’ भी है!

‘कौन’ हैं वो

उस ‘मासूम’ का नाम उर्मिला मातोंडकर है। इन्होंने हाल में कॉन्ग्रेस पार्टी जॉइन की है। 2019 का लोकसभा चुनाव यह उत्तर मुंबई सीट से लड़ेंगी। कभी यह बॉलिवुड की लीडिंग एक्ट्रेस हुआ करती थीं। फिर धीरे-धीरे पर्दे की दुनिया से गायब हुईं और 2016 में कश्मीरी बिजनेसमैन मोहसिन अख्तर मीर से शादी कर लीं।

‘थैंक राहुल जी’ कहतीं उर्मिला

लगाई मंदिर की ‘दौड़’

‘सेकुलर’ पार्टी कॉन्ग्रेस का टिकट पाकर उर्मिला भी मंदिर की दौड़ पर निकल पड़ीं। भगवान से आशीर्वाद लिया। फोटो खिंचवाया। सोशल मीडिया पर अपलोड किया। लेकिन यह क्या? लोग बिफर गए! क्यों भला? मुसलमान से शादी करने के बाद कहीं लिखा है क्या कि आप मंदिर नहीं जा सकतीं! सोशल मीडिया को लेकिन आप कंट्रोल करें भी तो कैसे करें?

कॉन्ग्रेसी दुपट्टा के साथ भगवन-भक्ति का यह सुयोग 30 मार्च को हुआ

लोगों ने चुनाव के लिए उर्मिला को अपना मुस्लिम नाम छिपाने को लेकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसमें कितनी सच्चाई है, नहीं पता। वो हिंदू हैं या उन्होंने इस्लाम को अपना धर्म मान लिया है, ये सिर्फ वो ही बता सकती हैं। खास बात यह कि मुझे दिलचस्पी भी नहीं है – अपने समय में वो मेरी फेवरिट (क्रश कह लीजिए) रही हैं। तो जैसे ही मंदिर वाली फोटो इंस्टाग्राम पे देखा, बाकी के और फोटो को स्क्रॉल करके देखने से खुद को रोक न पाया। तभी दिखा मुझे ‘सत्य’।

‘Satya’ क्या है

सत्य यह है कि उर्मिला ने 30 मार्च 2019 को मंदिर वाली फोटो इंस्टाग्राम पर डाली। कुत्ते, पहाड़, नदी-नाले जैसे फोटो से भरे पड़े इनके इंस्टाग्राम पर मेरी नजर तब रूकी जब एक और मंदिर दिखा मुझे – बहुत देर के बाद। यह फोटो अपलोड किया गया था 25 अगस्त 2017 को। मतलब 582 दिनों पहले। मतलब 582 दिन तक आप भगवान से दूर रहीं! फूल-पत्ती, बेडरूम, चाँद-सूरज में आप खोई रहीं और अचानक से ‘सेकुलर’ कॉन्ग्रेस के टिकट ने आपको मंदिर की राह दिखा दी!

साल: 2017, माह: अगस्त, तारीख: 25

कुछ ज्यादा नहीं हो गया? खैर फैन हूँ, आप ‘भक्त’ भी कह सकती हैं – इसलिए ज्यादा लिखकर आपको परेशान नहीं करूँगा। लेकिन संख्या के हिसाब से देखें तो 582 दिन बहुत लंबी ‘जुदाई’ हो गई। आपके लिए मैं तो खैर कुछ और ही चाहता हूँ। वोटिंग और मतगणना के दिन देखना दिलचस्प होगा कि भगवान और वोटर आपके लिए क्या चाहते हैं।

PS: जिनको ऊपर लिखी बातों पर भरोसा नहीं, वे कृपया उर्मिला के अकाउंट पर जाकर खुद सारे फोटो देख सकते हैं।

वैधानिक चेतावनी: यह काम कोई फैन ही कर सकता है। कुत्ते-नदी-नाले से प्यार एक बात है और उनके फोटो देखते जाना और बात!

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चंदन कुमारhttps://hindi.opindia.com/
परफेक्शन को कैसे इम्प्रूव करें 🙂

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