Saturday, July 13, 2024
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शराब, बस और टॉयलेट के बाद दिल्ली में ₹20 करोड़ का पानी घोटाला, LG ने दिए जाँच के आदेश: मनीष सिसोदिया के हाथों में है जल बोर्ड की कमान

दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) में चल रहे घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछले काफी समय से दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर आरोप लगा रही है।

दिल्ली में शराब, बस और टॉयलेट घोटाले के बाद अब AAP सरकार पर जल घोटाले का आरोप लगा है। दिल्ली के उप-राज्यपाल ने वीके सक्सेना ने 20 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ-साथ उन्होंने मुख्य सचिव से 15 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट भी माँगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ,दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (LG Vinai Kumar Saxena) ने शनिवार (24 सितंबर, 2022) को ये निर्णय लिया। आरोप यह भी है कि इस घोटाले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी, जब प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और तब से ही ‘दिल्ली जल बोर्ड’ AAP सरकार के अधीन है।

बताते चलें कि दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) में चल रहे घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछले काफी समय से दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर आरोप लगा रही है। वहीं इस मामले में कई बैंक कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ-साथ इस घोटाले को लेकर आरोप है कि केजरीवाल सरकार के अधीन ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के कई अधिकारी भी शामिल है।

ऐसे हुआ घोटाला

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार पर यह आरोप है कि वर्ष 2012 से लेकर 2019 के बीच उपभोक्ताओं से इकट्ठा किए गए लगभग 20 करोड़ रुपए की बिल राशि DJB के खाते में नहीं पहुँचाई है। बताया जा रहा है कि ‘दिल्ली जल बोर्ड’ ने उपभोक्ताओं से बिल रिकवरी करने की जिम्मेदारी कॉर्पोरेशन बैंक (Corporation Bank) को 2012 में सौंपी थी।

इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करते हुए बैंक ने ये काम एक प्राइवेट कंपनी दे दिया। इस प्रक्रिया के कारण कई सालों तक उपभोक्ताओं से ली गई पानी के बिल की धन राशि प्राइवेट बैंक के खाते में जाती रही, जबकि उसे दिल्ली जल बोर्ड के बैंक खातों में जाना चाहिए था। उप-राज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, 2012-2019 के बीच कुल 20 करोड़ रुपए दिल्ली जल बोर्ड के खाते में आने चाहिए थे, लेकिन वे नहीं पहुँचे।

वहीं इस मामले में ‘दिल्ली जल बोर्ड’ के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज (DJB Vice President Saurabh Bhardwaj) ने दावा किया कि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और जल बोर्ड के चेयरमेन मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने इस मामले में कुछ दिनों पहले ही जाँच करने के लिए आदेश जारी किए थे और DJB के CEO को अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए थे।

बस, शराब और टॉयलेट घोटाले का भी AAP पर आरोप

गौरतलब है कि दिल्ली की आम आदमी सरकार पर पहले से ही DTC बस घोटाला, शराब घोटाला और टॉयलेट घोटाले का आरोप है। हाल ही में दिल्ली कॉन्ग्रेस के नेताओं द्वारा डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर टॉयलेट घोटाले के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार शहर में सार्वजनिक शौचालयों का प्रबंधन गैर सरकारी संगठनों की जगह एक प्रतिबंधित कंपनी को सौंपने की योजना बना रही है।

अब नए जल घोटाले को लेकर दिल्ली भाजपा ने भी AAP को घेरा है। भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “DTC बस घोटाला, क्लास रूम घोटाला, शराब घोटाला, वक्क बोर्ड घोटाला और अब जल बोर्ड में एक और नया घोटाला और कितना पैसा हड़पोगे केजरीवाल! दिल्ली के उप-राज्यपाल द्वारा मुख्य सचिव दिल्ली को DJB के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ ₹20 करोड़ के कथित गबन के लिए FIR दर्ज करने का आदेश दिया हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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