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केजरीवाल ‘झूठे’… दिया भ्रामक और अपमानजनक बयान: दिल्ली के LG सक्सेना ने CM के आरोपों को नकारा, कहा- लंच पर बुलाया था, आए भी नहीं

दिल्ली सीएम केजरीवाल ने आरोप लगाए थे कि उपराज्यपाल ने उनसे मुलाकात नहीं की। हालाँकि एलजी का कहना है कि उन्होंने दिल्ली मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों को बुलाया था। लेकिन पहले तो वो लोग आए नहीं और फिर झूठी बात बोली।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi LG VK Saxena) ने शुक्रवार (20 जनवरी 2022) को अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर भ्रामक, अपमानजनक टिप्पणी करने और निचले स्तर की बयानबाजी पर उतरने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने केजरीवाल को उनके ‘कौन एलजी’, ‘कहाँ से आया एलजी’ वाले बयान को लेकर जवाब भी दिया।

एलजी वी के सक्सेना ने अपने पत्र में केजरीवाल के हेड मास्टर वाले विवादित बयान पर लिखा, “मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हेड मास्टर के रूप में काम नहीं कर रहा हूँ। जैसा कि आप व्यंग्यात्मक रूप से मेरा जिक्र कर रहे हैं। मैं तो केवल लोगों की एक सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ आवाज के रूप में काम कर रहा हूँ।” यही नहीं उन्होंने केजरीवाल पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप विधायकों के साथ 16 जनवरी 2023 को राज निवास तक मार्च के दौरान राजनीतिक ढोंग करने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा, “आपने बीते दिनों विधानसभा के अंदर और बाहर कई ऐसे बयान दिए हैं, जो गुमराह करने वाले, झूठे और अपमानजनक हैं।” केजरीवाल के उनसे नहीं मिलने के आरोप पर दिल्ली के एलजी ने कहा कि वह सीएम से मिलना चाहते हैं और उन्होंने इसके लिए उन्हें (अरविंद केजरीवाल) और डिप्टी सीएम (मनीष सिसोदिया) को फोन भी किया था।

सक्सेना अपने पत्र में आगे लिखते हैं, “मुझे मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि आप सोमवार (16 जनवरी 2023) को विधानसभा छोड़कर राज निवास के बाहर अन्य लोगों के साथ विरोध कर रहे थे, मुझसे मिलने की माँग कर रहे थे। इसलिए, मैंने आपको और डिप्टी सीएम को आमंत्रित भी किया था। मुख्यमंत्री मुझसे मिलने आएँ। मुझे सच में बहुत अच्छा लगता अगर आप मेरे पास होते और मैं आपके साथ लंच करता। हालाँकि, आपने अपने सभी विधायकों के साथ मुझसे मिलने की इच्छा जताने के बाद नहीं आना चुना।”

‘राजनीतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया’

इस मामले पर उन्होंने आगे कहा कि एक साथ 70 से 80 लोगों के साथ बैठक करना संभव नहीं होता और न ही इससे कोई ठोस उद्देश्य पूरा होता है। केजरीवाल पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए एलजी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दिखावे के लिए आपने प्रचार किया कि एलजी ने आपसे मिलने से इनकार कर दिया है।

बीते दिनों विधानसभा में केजरीवाल द्वारा उन पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि ‘कौन एलजी’ और ‘वह कहाँ से आया है’ का जवाब मिल सकता है, अगर आप भारत के संविधान का रुख करें तो। लेकिन ऐसे लोगों को इसका जवाब नहीं दिया जा सकता, जो बेहद निम्न स्तर की बयानबाजी पर उतर आए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों में कथित रूप से कम उपस्थिति को लेकर भी केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 2012-2013 में 70.73% से गिरकर 2019-2020 में 60.65% हो गई है।

‘निजी स्कूलों में जाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी’

दिल्ली एल-जी ने दावा किया कि केजरीवाल के दावों के विपरीत दिल्ली में निजी स्कूलों में जाने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि 2013-2014 में निजी स्कूलों की हिस्सेदारी 35% थी। वहीं 2019-2020 में यह 43% हो गई है। कोरोना महामारी के कारण भले ही सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी हो, लेकिन यह संख्या अभी भी लगभग 40% है। उन्होंने शिक्षकों के फिनलैंड दौरे के बारे में भी लिखा और कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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