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जो दुनिया में नहीं, उन अरुण जेटली पर भी झूठे आरोप लगाने से नहीं चूके राहुल गाँधी: कहा – कृषि कानून के लिए मुझे धमकाया था, बेटे रोहन लगाई क्लास

राहुल गाँधी के बयान पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राहुल गाँधी का दावा न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि उनके पिता की विरासत का भी अपमान है।

राहुल गाँधी यूँ तो जब तब अपनी बातों से हँसी के पात्र बनते ही रहते हैं लेकिन शनिवार (2 अगस्त 2025) को उन्होंने इतना बेतुका बयान दे दिया कि उस पर विवाद खड़ा हो गया है।

शनिवार को दिल्ली में कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव-2025 में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि जब वे कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे थे, तब केंद्र सरकार ने उन्हें धमकाने के लिए अरुण जेटली को भेजा था।

राहुल गाँधी के अनुसार, जेटली ने उनसे कहा था, “अगर तुम सरकार का विरोध करते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।” राहुल ने इसके जवाब में कहा, “मुझे नहीं लगता कि आपको पता है आप किससे बात कर रहे हैं।”

राहुल गाँधी के इस बयान पर तुरंत विवाद खड़ा हो गया क्योंकि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था, जबकि कृषि कानूनों को जून 2020 में अध्यादेश के रूप में लाया गया और सितंबर 2020 में संसद में पारित किया गया।

राहुल गाँधी इस दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता और 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित धांधली पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस के पास 70 से अधिक सीटों पर गड़बड़ी के सबूत हैं, जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

रोहन जेटली का तीखा पलटवार

राहुल गाँधी के बयान पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राहुल गाँधी का दावा न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि उनके पिता की विरासत का भी अपमान है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रोहन ने लिखा, “मेरे पिता का निधन 2019 में हुआ था, जबकि कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता का स्वभाव ऐसा नहीं था कि वे किसी विरोधी विचार रखने वाले को धमकी दें।”

रोहन ने आगे लिखा, “अरुण जेटली एक कट्टर लोकतांत्रिक थे, जो हमेशा सहमति बनाने और खुले तौर पर संवाद में विश्वास रखते थे। अगर कभी राजनीतिक मतभेद होता भी, तो वे सभी पक्षों को साथ लेकर समाधान निकालने की कोशिश करते थे। यही उनका स्वभाव था और यही उनकी आज की विरासत है।”

रोहन जेटली ने लिखा कि राहुल गाँधी उन नेताओं के बारे में बोलते समय सावधानी बरतें जो अब हमारे बीच नहीं हैं। इससे पहले राहुल गाँधी ने पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के अंतिम दिनों को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश की थी, जो उतना ही असंवेदनशील था।

लोगों ने राहुल को लिया आड़े हाथ

रोहन जेटली के पोस्ट के बाद नेटिजन्स ने राहुल के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला है। राहुल के बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अरुण जेटली का नाम ट्रेंड करने लगा। कई यूजर्स ने कहा कि राहुल के खिलाफ शिकायत की जानी चाहिए।

फोटो साभार- x

कहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि राहुल की झूठ बोलने की आदत हो गई है। ऐसे में उन पर मानहानि का मुकदमा किया जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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