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अनाथ बच्चों की सूची में गड़बड़ी: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-बंगाल को फटकारा, कहा – ‘हमें आपके आँकड़ों पर भरोसा नहीं’

"आप बाकी राज्यों के आँकड़े देखिए। ऐसा तो नहीं है कि आपके राज्य में कोरोना था ही नहीं। आप ये मत समझिए कि आँकड़ों पर विश्वास कर लेंगे।"

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों की सरकारों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 जुलाई, 2021) को इन राज्यों को फटकार लगाते हुए पूछा कि वो कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की सूची व विवरण क्यों नहीं साझा कर रहे हैं? इन दोनों राज्यों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को भी डाँटा। इन राज्यों को अनाथ हुए बच्चों के डिटेल्स ‘बाल स्वराज’ की वेबसाइट पर डालने को कहा गया है।

वहीं पश्चिम बंगाल के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनाथ बच्चों की सूची व उनका विवरण तैयार कर लिया गया है। वकील के अनुसार, इन डिटेल्स को ‘राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR)’ को भेज भी दिया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल से पूछा कि क्या पूरे राज्य में कोरोना काल के दौरान सिर्फ 27 बच्चे ही अनाथ हुए? सुप्रीम कोर्ट ने इस संदेह जताया कि ये आँकड़े सही स्थिति को बयाँ करते हैं। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए बंगाल सरकार को फटकारा था।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा, “आप बाकी राज्यों के आँकड़े देखिए। ऐसा तो नहीं है कि आपके राज्य में कोरोना था ही नहीं। आप ये मत समझिए कि आँकड़ों पर विश्वास कर लेंगे। हमें ये समझ में नहीं आ रहा है कि आप क्यों नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या किया जाना चाहिए।” इसके साथ ही ‘डायरेक्ट्रेट ऑफ चाइल्ड राइट्स एंड ट्रैफिकिंग’ के सचिव को नोटिस भी जारी किया।

पश्चिम बंगाल के अधिवक्ता की ये दलील थी कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब भी चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं दीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप सिर्फ वेरिफिकेशन में कई साल लगा दोगे और बच्चे ऐसे ही मजबूर रह जाएँगे? वहीं सुप्रीम कोर्ट को पंजाब सरकार द्वारा दिए गए आँकड़े में भी गड़बड़ी नजर आई। पंजाब सरकार को जमीनी आँकड़े जुटाने के लिए कहा गया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक उन बच्चों के बारे में नहीं जानेंगे जिन्होंने कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो दिया है, तब तक हम उनकी मदद कैसे कर पाएँगे? पंजाब सरकार ने 73 बच्चों के डेटा दिए हैं, जिनमें से 33 के माता-पिता की मौत कोरोना के कारण हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न सिर्फ जिला स्तर, बल्कि जमीनी लेवल पर जाकर डेटा जुटाइए। वहीं जम्मू कश्मीर को भी सुप्रीम कोर्ट ने डेटा अपडेट करने का निर्देश दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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