Homeराजनीतिसोशल मीडिया पर Burnol के उपयोग को लेकर Creative हुए लोग, देखें तस्वीरें

सोशल मीडिया पर Burnol के उपयोग को लेकर Creative हुए लोग, देखें तस्वीरें

एक तरफ जहाँ बरनौल के शेयर में उछाल की ख़बरें हैं, ऐसे में भाजपा समर्थकों व आम लोगों के पास मोदी के ख़िलाफ़ ट्वीट करने वालों के लिए एक नया यन्त्र मिल गया है या यूँ कहें कि पुराने यन्त्र का ही नए रूप में प्रयोग किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। बरनौल को लेकर तरह-तरह के क्रिएटिव पोस्ट्स और ट्वीट्स शेयर किए जा रहे हैं। जिन लोगों ने मोदी लहर को मानने से अभी भी इनकार कर दिया है, उन्हें आम लोगों द्वारा बरनौल के चित्र भेजे जा रहे हैं। इन चित्रों में बरनौल को ट्रक में भर कर भेजा जा रहा है, तो किसी चित्र में विमान से बरनौल बरसाए जा रहे हैं। आए इस गैलरी में उनमें से चुनिन्दा चित्रों को देखते हैं:

ट्रक में भर-भर कर सोशल मीडिया के माध्यम से बरनौल भेजे जा रहे हैं
लड़ाकू विमानों से बम की जगह गिराए जा रहे हैं बरनौल
बरनौल क्रीम कि जगह स्प्रे का प्रयोग करने के सलाह भी दिए जा रहे है
अब तो शेयर मार्किट में भी बरनौल बनाने वाली कम्पनी के शेयर बढ़ने लगे
बरनौल पर सब्सिडी कि माँग भी की जा रही है

इसी तरह बरनौल एक बार फिर से चर्चा में है। बता दें कि बरनौल का प्रयोग शरीर के जले भागों पर किया जाता है। एक तरफ जहाँ बरनौल के शेयर में उछाल की ख़बरें हैं, ऐसे में भाजपा समर्थकों व आम लोगों के पास मोदी के ख़िलाफ़ ट्वीट करने वालों के लिए एक नया यन्त्र मिल गया है या यूँ कहें कि पुराने यन्त्र का ही नए रूप में प्रयोग किया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गालीबाजों में दिखे ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और मोदी सरकार में ‘क्रूर ब्रिटिश’… ‘पत्रकारिता’ के नाम पर इस वामपंथी सनक को छोड़ दो आरफा-श्याम-तनुश्री

आरफा-श्याम-तनुश्री और अनमोल ने उस सीजेपी प्रदर्शन पर राउंड टेबल चर्चा की जो खत्म हो चुकी है, लेकिन झारखंड पेपर लीक पर फेविकोल लगा के बैठे है।

वांगचुक ने 26 दिन भूख हड़ताल कर राहुल गाँधी को दिया राजनीतिक वापसी का मौका, लेकिन उनके अहंकार ने सब चौपट कर दिया

वांगचुक ने बताया कि वह चाहते थे राहुल गाँधी उनका अनशन तुड़वाएँ। जानिए कैसे कॉन्ग्रेस ने CJP आंदोलन से दूरी बनाकर अलग सियासी राह चुनी।
- विज्ञापन -