मैंने न ही कोई रेप किया है, न रूपया लिया है, मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं है: कॉन्ग्रेसी नेता शिवकुमार

"कृपया टेंशन न लें, मैंने टेंशन नहीं ली है। टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं है। मैंने कोई ग़लती नहीं की है। मैंने न ही कोई रेप किया और न ही रुपया लिया है। मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं है।"

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बाद अब कॉन्ग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के लिए संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है। डीके शिवकुमार को शुक्रवार (30 अगस्त) को ED के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

शुक्रवार को शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, “कृपया टेंशन न लें, मैंने टेंशन नहीं ली है। टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं है। मैंने कोई ग़लती नहीं की है। मैंने न ही कोई रेप किया और न ही रुपया लिया है। मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें कल (29 अगस्त) देर रात 9.40 बजे ED का समन मिला, जिसके अनुसार उन्हें दोपहर 1 बजे दिल्ली में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए यह भी कहा कि यह केवल एक आयकर का साधारण सा मामला है और इस बारे में वो कोर्ट को पहले ही बता चुके हैं। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि वो पहले ही ITR फ़ाइल कर चुके हैं और इसमें प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का मामला नहीं है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

कर्नाटक कॉन्ग्रेस के नेता ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उनकी 84 वर्षीय माँ की पूरी सम्पत्ति विभिन्न जाँच एजेंसियों ने बेनामी बताकर ज़ब्त कर ली। उन्होंने कहा, “यहाँ मैं बेनामी हूँ। हमारा ख़ून पहले ही चूसा जा चुका है।”

अपने ख़िलाफ़ जाँच और ED से मिले नोटिस को ‘राजनीतिक’ कारणों से उन्‍हें निशाना बनाने की साज़िश करार देते हुए कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार ने कहा, “मैंने कुछ भी ग़लत काम नहीं किया है। बीजेपी के नेता ऐसा कहते रहे हैं कि वे मुझे परेशान करेंगे। मुझे मुश्किलों में डालकर उन्‍हें ख़ुश रहने दीजिए। लेकिन मैं पूरा सहयोग करूँगा। मैं दोपहर तक व्‍यस्‍त हूँ और उसके बाद मैं दिल्‍ली जाऊँगा।” 

ग़ौरतलब है कि आयकर विभाग को 2017 में एक छापेमारी के दौरान डीके शिवकुमार की सम्पत्तियों में गड़बड़ी मिली थी, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ जाँच की जा रही है। शिवकुमार के साथ-साथ चार अन्‍य को भी इस मामले में पूछताछ के लिए ED से नोटिस मिला है, जिसे रद्द कराने का अनुरोध लेकर वह कोर्ट भी पहुँचे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका ख़ारिज कर दी। 

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

बीएचयू, वीर सावरकर
वीर सावरकर की फोटो को दीवार से उखाड़ कर पहली बेंच पर पटक दिया गया था। फोटो पर स्याही लगी हुई थी। इसके बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और धरने पर बैठ गए। छात्रों के आक्रोश को देख कर एचओडी वहाँ पर पहुँचे। उन्होंने तीन सदस्यीय कमिटी गठित कर जाँच का आश्वासन दिया।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,578फैंसलाइक करें
23,209फॉलोवर्सफॉलो करें
121,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: