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अहमद पटेल के घर ₹14,500 करोड़ के फर्जीवाड़ा के बारे में पूछताछ के लिए पहुँची ED, कॉन्ग्रेस नेता ने हाजिर होने में जताई थी असमर्थता

ED ने दावा किया है कि संदेसरा भाइयों ने भारतीय बैंको को नीरव मोदी से कहीं ज्यादा चूना लगाया है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जाँच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड/ संदेसरा समूह और इसके मुख्य प्रमोटरों, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों में लगभग 14,500 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गाँधी के करीबी अहमद पटेल के आवास पर शनिवार (जून 27, 2020) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पूछताछ के लिए पहुँची। बताया जा रहा है कि उनसे संदेसरा बंधुओं के पीएमएलए मामले में बयान दर्ज किया किया जा रहा है। 

एजेंसी ने पटेल को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन उन्होंने कहा था कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और कोविड-19 को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के कारण पूछताछ के लिए नहीं आ सकते हैं। एजेंसी के सामने हाजिर होने से एक दिन पहले कॉन्ग्रेस नेता ने ED को पत्र लिखकर कहा, “65 से ज्यादा की उम्र का हूॅं, कृपया फिलहाल माफ करें।” एजेंसी ने उसी समय कहा था कि वह पूछताछ के लिए उनके आवास पर ही आ जाएँगे। आज उनका बयान लेने के लिए ED की टीम खुद उनके घर पहुँच गई।

ED ने दावा किया है कि संदेसरा भाइयों ने भारतीय बैंको को नीरव मोदी से कहीं ज्यादा चूना लगाया है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जाँच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड/ संदेसरा समूह और इसके मुख्य प्रमोटरों, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों में लगभग 14,500 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया। वहीं नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को 11,400 करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप है।

आरोप है कि संदेसारा भाइयों ने अहमद पटेल के कहने पर ही दिल्ली के वसंत विहार में घर खरीदा और फिर उसे रेनोवेट करवा कर उनके दामाद इरफान सिद्दीकी को रहने के लिए दिया। ईडी ने उनके बेटे फैसल पटेल और दामाद इरफान सिद्दीकी से पूछताछ की थी। जिसमें दोनों ने कबूला था कि वे स्टर्लिंग बायलॉज लिमिटेड के निदेशक नितिन संदेसरा के छोटे भाई चेतन संदेसरा को जानते थे।

पिछले साल ईडी ने इस मामले की जाँच के तहत स्टर्लिंग बायोटेक की 9,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। इसमें नाइजीरिया में तेल रिग, पोत, एक कारोबारी विमान और लंदन में एक आलीशान फ्लैट शामिल है।

ED के अधिकारियों ने पहले खुलासा किया था कि संदेसरा समूह के एक कर्मचारी सुनील यादव ने बताया कि सिद्दीकी और फैसल पटेल को चेतन संदेसरा द्वारा कोड नाम दिए गए थे। चेतन और गगन ने सिद्दीकी को इरफान भाई का नाम दिया था। इरफान का कोड i2 और फैसल का कोड i3 था।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल का पूछताछ से बचने के लिए स्वास्थ्य का बहाना बनाना कोई नई बात नहीं है। पिछले साल भी जब पटेल को आयकर विभाग ने हवाला केस में पूछताछ के लिए बुलाया था तो उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला दिया था। कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यालय में हवाला द्वारा 400 करोड़ रुपए नकद पहुँचने का आरोप था, लेकिन उस वक्त भी कॉन्ग्रेस नेता अपनी खराब सेहत का बहाना बनाकर पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। उस समय उन्होंने साँस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी और खुद को फरीदाबाद, हरियाणा के मेट्रो अस्पताल में भर्ती करवा लिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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