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चुनाव आयोग ने चलाया अनुशासन का डंडा, आजम खान पर दूसरी बार 48 घंटे के लिए बैन

आयोग ने कहा है कि आजम खान के बयान चुनाव में ध्रुवीकरण पैदा कर सकते हैं, और इसका असर सिर्फ वहीं नहीं पड़ता है जहाँ ये भाषण दिए जाते हैं बल्कि सूचना के डिजिटल युग में सोशल मीडिया के ज़रिए, इसका प्रभाव पूरे देश पर भी पड़ सकता है।

चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर दूसरी बार अनुशासन के तहत कार्रवाई की है। आयोग ने आजम खान को एक बार फिर से 2 दिन तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई है।

बता दें कि आजम खान 1 मई की सुबह 6 बजे से 48 घंटों तक के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर पाएँगे। इन 48 घंटों के दौरान आजम खान का चुनावी रैली, रोड शो, इंटरव्यू, जनसंपर्क अभियान थम जाएगा। आजम खान ने 5 अप्रैल, 7 अप्रैल, 8 अप्रैल, 9 अप्रैल और 12 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के अलग अलग जगहों पर विवादित बयान देकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था।

बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने बीजेपी कैंडिडेट जया प्रदा पर आपत्तिनजक बयान देने के लिए बैन लगाया था। जया प्रदा पर टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग ने आजम खान पर 72 घंटे का बैन लगाया था। आज़म खान के बेटे ने भी जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने आजम खान के भाषणों की जाँच में पाया कि उनके स्पीच भड़काऊ थे और उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी पर धार्मिक आधार पर टिप्पणी की थी। आयोग ने कहा है कि आजम खान के बयान चुनाव में ध्रुवीकरण पैदा कर सकते हैं, और इसका असर सिर्फ वहीं नहीं पड़ता है जहाँ ये भाषण दिए जाते हैं बल्कि सूचना के डिजिटल युग में सोशल मीडिया के ज़रिए, इसका प्रभाव पूरे देश पर भी पड़ सकता है।

हालाँकि, आजम खान ने चुनाव आयोग को भेजे अपने जवाब में बिना शर्त माफी माँगा था, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी इस पेशकश को ठुकरा दिया था। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह आजम खान द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान की सख्त निंदा करता है और उन्हें चेतावनी देता है कि वे भविष्य में ऐसा आचरण न करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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