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जो हारने के लिए ही लड़ते हैं चुनाव: मिलिए 230वीं बार पर्चा दाखिल करने वाले पद्मराजन से, वाजपेयी-राहुल गाँधी को भी दे चुके हैं चुनौती

सबसे अधिक चुनाव लड़ने के मामले में के पद्मराज का नाम लिम्का 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में ऑल इंडिया इलेक्शन किंग के तौर पर दर्ज किया जा चुका है।

चुनाव की बात हो और के पद्मराजन (K Padmarajan) की चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता। भले इन्होंने आज तक एक भी चुनाव न जीता हो, लेकिन चुनाव लड़ने की इनकी रफ्तार को इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने 230वीं बार चुनाव के लिए पर्चा भरा है। इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 10 जून 2022 को तमिलनाडु समेत 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इस चुनाव में पद्मराजन ने तमिलनाडु से उम्मीदवारी पेश की है। उनका कहना है कि हारने के बाद भी वो चुनाव इसलिए लड़ते हैं, ताकि लोगों में इस बात को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके कि एक आम आदमी भी चुनाव लड़ सकता है।

गौरतलब है कि 63 वर्षीय के पद्मराजन तमिलनाडु के सलेम जिले के मेट्टुर के रहने वाले हैं। वो पेशे से एक होम्योपैथी डॉक्टर हैं। 1988 से चुनाव लड़ने के सफर की शुरुआत करने के बाद अब तक वे पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार ये उनका 230वाँ चुनाव होगा। अब तक लड़े गए चुनावों में वो 50 लाख रुपए की धनराशि केवल नॉमिनेशन के पीछे खर्च कर चुके हैं। एक बार वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं।

सबसे अधिक चुनाव लड़ने के मामले में के पद्मराज का नाम लिम्का ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में ऑल इंडिया इलेक्शन किंग के तौर पर दर्ज किया जा चुका है। बता दें कि 2019 लोकसभा चुनावों के दौरान पद्मराजन वायनाड से कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। उन्हें इस चुनाव में 1850 वोट मिले थे, जबकि उन्होंने किसी भी तरह का प्रचार-प्रसार नहीं किया था।

पद्मराजन अब तक राष्ट्रपति चुनाव (5), उपराष्ट्रपति चुनाव (5) लोकसभा चुनाव (32), राज्यसभा चुनाव (50), विधानसभा चुनाव (72), एमएलसी (3), मेयर (1), चेयरमैन (3), पंचायत अध्यक्ष (4), पार्षद (12) जिला पार्षद (2), यूनियन काउंसलर (3), वार्ड मेंबर (6), डायरेक्टर (30) और 1 बार जनरल का चुनाव लड़ चुके हैं। उनका कहना है कि वो अब तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, नरसिम्हा राव, जयललिता, करुणानिधि, एके एंटनी, येदियुरप्पा, बंगारप्पा, एसएम कृष्णा, एडप्पादी पलानीसामी, एमके स्टालिन के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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