Saturday, July 20, 2024
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मुजफ्फरनगर के GIC में जमावड़ा, पैदल मार्च का हो सकता है ऐलान: नरेश टिकैत ने किया था महापंचायत का आह्वान

बीकेयू के अध्यक्ष नरेश टिकैत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि व्यवस्था बिगड़े या सुधरे इसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

मुजफ्फरनगर के सिसौली में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने महापंचायत बुलाई है। यह महापंचायत राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में होनी है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए वहाँ भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती कर दी है। कहा जा रहा है कि महापंचायत में किसान नेता कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर मीडिया के सामने संगठन प्रवक्ता राकेश टिकैत के रोने के बाद मुजफ्फरनगर की इस महापंचायत की खबर सामने आई थी। स्थल पर कई पड़ोसी राज्यों के किसान जुटने लगे हैं। सब मिल कर सिसौली के राजकीय इंटर कॉलेज ग्राउंड में पहुँच रहे हैं।

यह जगह किसानों के मसीहा कहे जाने वाले महेंद्र सिंह टिकैत की जन्मभूमि है। यहाँ से हो सकता है कि किसान दिल्ली के लिए पैदल मार्च करें। GIC में इस समय टिकैत परिवार की महिलाएँ व कई ग्रामीण किसान पहुँच रहे हैं।

महापंचायत के लिए तैयार होता मंच

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बीकेयू के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने किसानों को पूरी तरह शांति-व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। मगर, सामने आये एक वीडियो में देखा जा सकता है कि नरेश टिकैत जीआईसी ग्राउंड में महापंचायत की बात कर रहे हैं। साथ ही साफ शब्दों में कह रहे हैं कि व्यवस्था बिगड़े या सुधरे इसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।

मालूम हो कि गुरुवार को गाजीपुर प्रशासन से अल्टीमेटम मिलने के बाद नरेश टिकैत ने धरना वापस लेने का फैसला किया था। हालाँकि, बाद में अपने भाई व संगठन प्रवक्ता राकेश टिकैत की रोती हुई वीडियो हर जगह वायरल देखने के बाद वह अपने फैसले से पलट गए। उन्होंने देर रात इमरजेंसी में पंचायत बुलाई और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुँचने के लिए लोगों को निर्देश दिए। 

इसके बाद सिसौली पंचायत ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत का ऐलान किया। संगठन अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर गाजीपुर में किसी किसान को खरोंच भी आई तो सरकार को सैकड़ों लाशों के ढेर से गुजरना पड़ेगा। कुछ पल बाद ही टिकैत का यह वीडियो वायरल हो गया।

गौरतलब हो कि किसानों को उकसाते हुए उन्हें भारी मात्रा में दोबारा प्रदर्शनस्थल पर इकट्ठा होने को कहा गया है। इसका असर कुछ सीमाओं पर शुरू हुई झड़प के रूप में देखा जा सकता है। उधर, आरएलडी, कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी ने महापंचायत को समर्थन का एलान किया है।

बातचीत की कोशिश करते पुलिसकर्मी

पुलिस लगातार बातचीत के जरिए कोशिश कर रही है कि किसी तरह इलाकों में कानून-व्यवस्था बनी रहे। मगर, राजनीतिक दलों के कुत्सित प्रयास बता रहे हैं कि वो न कानून को उसका काम करने देना चाहते हैं और न ही शांति की बहाली चाहते हैं। किसान आंदोलन की आग में उनका मकसद सिर्फ़ राजनीतिक रोटियाँ सेंकना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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