Thursday, August 18, 2022
Homeराजनीतिकिसानों ने दिल्ली बॉर्डर के प्रदर्शन स्थलों को खाली करना शुरू किया, राकेश टिकैत...

किसानों ने दिल्ली बॉर्डर के प्रदर्शन स्थलों को खाली करना शुरू किया, राकेश टिकैत बोले- अभी 4 से 5 दिन और लगेंगे

संयुक्त किसान मोर्चा के मुख्य मंच पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर और सामान को हटाने का काम कर रहे जगतार सिंह ने बताया कि मोर्चा फतह करने के बाद कल जाना या आज कोई फर्क नहीं पड़ता।

दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से भी अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसान अब अपने घर लौटने की ओर लौटने लगे हैं। प्रदर्शनकारी अपने सारे तंबू उखाड़ लिए और अपना सामान बाँधकर ट्रकों पर लाद कर ले जा रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर बनाया गया करीब 40 फुट चौड़ा और 100 फुट लंबा किसान मोर्चा का पंडाल भी हटा लिया गया है। शुक्रवार (10 दिसंबर 2021) शाम तक करीब 40 फीसदी किसान अपने घरों के लिए रवाना हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि वे शनिवार (11 दिसंबर 2021) सुबह तक प्रदर्शन स्थल खाली कर देंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने शनिवार (11 दिसंबर) को कहा कि किसानों का एक बड़ा समूह कल सुबह आठ बजे यह क्षेत्र खाली कर देगा। उन्होंने कहा, “आज की बैठक में हम बात करेंगे, प्रार्थना करेंगे। इसके साथ ही उन लोगों से मिलेंगे, जिन्होंने हमारी मदद की। हमारे किसान भाइयों ने घर वापसी शुरू कर दी है। इसमें चार से पाँच दिन लगेंगे। मैं यहाँ से 15 दिसंबर को निकलूँगा।”

केंद्र से सहमति बनने के बाद कई किसान पहले ही प्रदर्शन स्थल खाली कर चुके हैं। सिंघु बॉर्डर पर लगे बड़े-बड़े पंडाल को खोलने के लिए कटर मशीन का इस्तेमाल करते हुए किसानों को देखा गया। शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के मुख्य मंच पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर और सामान को हटाने का काम कर रहे जगतार सिंह ने बताया कि मोर्चा फतह करने के बाद कल जाना या आज कोई फर्क नहीं पड़ता।

बता दें कि किसान आंदोलन के लगभग एक साल बाद गुरु पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों नए कृषि कानून वापस लेने का फैसला लिया था। दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने शुक्रवार को कहा, “हमने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। हम 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेंगे। अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है, तो हम अपना आंदोलन फिर से शुरू कर सकते हैं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड बनवा रहा है PFI : पटना पुलिस की जाँच में बड़ा खुलासा

फर्जी दस्तावेज से पीएफआई बनवा रहा है रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड। पटना पुलिस की जाँच में बड़ा खुलासा।

श्रीकृष्ण ही सत्य हैं, अब तो ‘सुलेमान’ भी साक्षी है: द्वापर के इतिहास को आज से जोड़ती है ‘कार्तिकेय 2’, नए पैन-इंडिया स्टार का...

'कार्तिकेय 2' ने ये सुनिश्चित कर दिया है कि इस फ्रैंचाइजी जी अगली फिल्म पैन-इंडिया होगी। निखिल सिद्धार्थ का अभिनय उम्दा और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
215,056FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe