Homeराजनीति26 जनवरी पर नेताओं को नहीं फहराने देंगे तिरंगा, भारतीय किसान यूनियन की धमकी

26 जनवरी पर नेताओं को नहीं फहराने देंगे तिरंगा, भारतीय किसान यूनियन की धमकी

संगठन के हरियाणा अध्यक्ष ने कहा कि किसान भिवानी में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का विरोध करेंगे। बिजली मंत्री अगर भिवानी आए तो जिले को चारों तरफ से सील करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन चलने तक नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार नहीं है।

भारतीय किसान यूनियन ने आज (जनवरी 13, 2021) सरकार को धमकी दी है। संगठन ने कहा है कि गणतंत्र दिवस पर किसी नेता को वह तिरंगा झंडा फहराने नहीं देंगे। न्यूज 18 के मुताबिक संगठन के युवा हरियाणा अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि किसान भिवानी में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का विरोध करेंगे। बिजली मंत्री अगर भिवानी आए तो जिले को चारों तरफ से सील करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन चलने तक नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार नहीं है।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार इस पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इस बीच पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “60 से ज्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!”

वहीं कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी के जो 4 सदस्य बनाए हैं वे तो पहले ही मोदी जी के कानूनों के समर्थक हैं। ऐसी कमेटी के सदस्य क्या न्याय करेंगे। प्रधानमंत्री जी… इतने अहंकारी मत बनिए, किसानों की सुनिए नहीं तो देश आपकी बात सुनना बंद कर देगा।”

बता दें कि कृषि बिल को लेकर दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गन्ना समिति में किसानों की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के दौरान किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में होने वाली परेड को लेकर आह्वान किया कि किसान भारी संख्या में अपने ट्रैक्टरों से परेड ग्राउंड पहुँचे। साथ ही किसान इस बिल के विरोध में जिलों में भी अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन करें।

मामले में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है, “सुप्रीम कोर्ट ने फैसले का हम स्वागत करते हैं। जो कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से आने वाले समय में सबसे निष्पक्ष राय लेगी। कमेटी किसान यूनियन के लोगों से और अन्य विशेषज्ञों से भी राय लेगी और उसके बाद निर्णय देगी।”

कैलाश चौधरी ने आगे कहा, “पुराने बिल इतने अच्छे होते तो किसान गरीब और आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होता। इस कानून को कुछ समय देखें अगर कुछ नहीं लगेगा तो भविष्य में और भी संशोधन किया जा सकता है।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों ‘इच्छाधारी प्रदर्शनकारी’ योगेंद्र यादव ने धमकी दी थी कि यदि तथाकथित ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की माँग पूरी नहीं की जाती है तो वे गणतंत्र दिवस को निशाना बनाएँगे। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने भी यही घोषणा की थी।

योगेंद्र यादव ने कहा था, “अगर हमारी माँगें 26 जनवरी तक पूरी नहीं होती हैं, तो किसान दिल्ली में ‘किसान गणतंत्र परेड’ करेंगे। हम राष्ट्रीय राजधानी के निकटवर्ती क्षेत्रों के किसानों से अपील करते हैं कि वे तैयार रहें और देश के हर किसान परिवार से अनुरोध करें कि यदि संभव हो तो एक सदस्य को दिल्ली भेजें।”

किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा था, “23 जनवरी को हम विभिन्न राज्यों में राज्यपालों के घरों की ओर मार्च निकालेंगे और अगर सरकार के साथ बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकला तो आने वाली 26 जनवरी को दिल्ली में ‘ट्रैक्टर किसान परेड’ आयोजित की जाएगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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