Tuesday, June 22, 2021
Home राजनीति गुपकार गठबंधन के लीडर बने फारूक अब्दुल्ला: 370 की बहाली के लिए महबूबा, सज्जाद...

गुपकार गठबंधन के लीडर बने फारूक अब्दुल्ला: 370 की बहाली के लिए महबूबा, सज्जाद के साथ मिलकर खाई कसम

फारूक अब्दुल्ला ने एलायंस के उद्देश्य को उजागर करते हुए कहा, “हम भाजपा के विरोधी हैं और इसका मतलब ये नहीं है कि राष्ट्र विरोधी हैं। यह राष्ट्र विरोधी जमात नहीं है।”

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, पूर्व अलगाववादी और राजनेता सज्जाद लोन और कुछ अन्य लोगों ने एकजुट होकर ‘पीपल्स एलायंस फ़ॉर गुपकार डिक्लेरेशन’ का गठन किया है। गुपकार गठबंधन का उद्देश्य कथित तौर पर अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली के साथ ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने का है।

‘पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन’ ने डॉ फारूक अब्दुल्ला को अपना अध्यक्ष और महबूबा मुफ्ती को 6 पार्टी समूह का उपाध्यक्ष घोषित किया है। यह निर्णय पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के गुपकार रोड पर स्थित निवास पर आयोजित अलायंस में शामिल घाटी के शीर्ष नेताओं की दो घंटे तक चली बैठक में लिया गया।

वहीं, सज्जाद लोन को गठबंधन का प्रवक्ता बनाया गया है। उन्होंने अलायंस के प्रवक्ता की जिम्मेदारी सँभालते हुए अधिकारिक तौर पर पत्रकारों के समक्ष अलायंस के नवनियुक्त पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की। गठबंधन ने जम्मू-कश्मीर राज्य के पुराने झंडे को अपना प्रतीक माना है।

6 दलों के समूह से बना ‘गुपकार गठबंधन’ 

6 दलों – राष्ट्रीय सम्मेलन (नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), पीपुल्स सम्मेलन (पीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआई-एम), पीपुल्स मूवमेंट (पीएम) और अवध नेशनल कॉन्फ्रेंस (एएनसी) – इस महीने की शुरुआत में एक साथ आए थे ताकि गठबंधन का गठन किया जा सके और राज्य की विशेष स्थिति की बहाली के लिए शांति से काम किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ने की कसम खाई।

नया प्रभार सँभालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने एलायंस के उद्देश्य को उजागर करते हुए कहा, “हम भाजपा के विरोधी हैं और इसका मतलब ये नहीं है कि राष्ट्र विरोधी हैं। यह राष्ट्र विरोधी जमात नहीं है। हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों का अधिकार बहाल हो।”

बता दें कि महबूबा मुफ्ती के 13 अक्टूबर को नजरबंदी से रिहाई के बाद इसी माह 15 को फारूक के घर पर 6 दलों की पहली बैठक हुई थी। जिसमें महबूबा मुफ्ती ने भी भाग लिया गया था। उस दिन फारूक की तरफ से कहा गया था कि कुछ दिनों में बैठक करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा था, “जम्मू कश्मीर और लद्दाख से जो कुछ छीन लिया गया है, उसकी बहाली के लिए हम संघर्ष करेंगे। हमारी एक संवैधानिक लड़ाई है, हम चाहते हैं कि भारत सरकार 5 अगस्त, 2019 से पहले के राज्य के लोगों के अधिकारों को वापस करे।” उसके बाद शनिवार को बैठक हुई।

महबूबा मुफ्ती ने J&K के अलावा दूसरा झंडा उठाने से किया इनकार 

महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार (अक्टूबर 23, 2020) को श्रीनगर में अपने आवास पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जब तक उनका झंडा (जम्मू कश्मीर का पुराना झंडा) वापस नहीं मिल जाता, तब तक वह दूसरा झंडा (तिरंगा) नहीं उठाएँगी। मुफ्ती ने कहा कि उनका झंडा डाकुओं ने ले लिया है।

14 महीने तक हिरासत में रहने के बाद हाल ही में रिहा हुई महबूबा मुफ्ती ने कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “जब तक केंद्र सरकार हमारे हक (अनुच्छेद 370) को वापस नहीं करते हैं, तब तक मुझे कोई भी चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं है।” उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को बहाल करने तक उनका संघर्ष खत्म नहीं होगा। वह कश्मीर को पुराना दर्जा दिलवाने के लिए जमीन आसमान एक कर देंगी।

‘कश्मीरी चाहते हैं कि भारत पर चीन शासन करे’

वहीं ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि चीन ने कभी भी अनुच्छेद 370 को लेकर भारत सरकार के फैसले को स्वीकार नहीं किया है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन की मदद से फिर से अनुच्छेद 370 को वापस लाया जा सकेगा।

उन्होंने वामपंथी साइट ‘द वायर’ को दिए इंटरव्यू में कहा था, “पिछले साल 5 अगस्त को उन्होंने (मोदी सरकार ने) जो किया, वह भारत के ताबूत में आखिरी कील था। आज जब चीन हमारी तरफ बढ़ रहा है, कश्मीरी लोग चाहते हैं कि वो भारत में घुस जाएँ जबकि उन्हें पता है कि चीन ने मुस्लिमों के साथ क्या किया है, फिर भी वो चीन में जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हम मुस्लिम बहुमत वाले राज्य थे, फिर भी हम पाकिस्तान नहीं गए। हम गाँधी के भारत में रहे, हमें मोदी का भारत नहीं चाहिए।” अब्दुल्ला ने कहा कि धारा 144 हटने के बाद लाखों कश्मीरी मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भविष्य में सड़कों पर उतरेंगे।

गौरतलब है कि भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 को रद्द करने के फैसले के बाद से ही विरोधी दल इस कदम के खिलाफ लगातार द्वेषपूर्ण अभियान चला रहे हैं। बता दें कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता था, जो कि अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ॐ को योग से तोड़ना और अल्लाह को योग से जोड़ने का कॉन्ग्रेसी प्रोपेगेंडा, कुछ और नहीं हिन्दू विरोध का पुराना पैंतरा

पॉलिटिकल करेक्टनेस किसे कहाँ तक ले जाता है वह देखने वाली बात होगी पर फिलहाल तो सरकार के विरोध के उद्देश्य से आरंभ हुई एक प्रक्रिया योग विरोध पर पहुँची और वहाँ से एक और छलांग लगाकर हिन्दू विरोध पर जा खड़ी हुई है।

24 जून, सुबह 10:30 तक गाजियाबाद के लोनी थाना पहुँचो ट्विटर इंडिया MD: फर्जी वीडियो मामले में UP पुलिस का आदेश

गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर को दूसरा नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया कि ट्विटर जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है और उसके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण औचित्य पूर्ण नहीं है।

‘उनके हाथ पहले ही खून से सने थे, अब महिलाओं पर अत्याचार के दाग भी हैं दामन पर’: स्मृति ईरानी ने ममता पर साधा...

“मैं हमारे लोकतंत्र में पहली बार देख रही हूँ कि शायद सीएम लोगों को मरते हुए देख रही हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था।"

टीनएज में सेक्स, पोर्न, शराब, वन नाइट स्टैंड, प्रेग्नेंसी… अनुराग कश्यप ने बेटी को कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी

ब्वॉयफ्रेंड के साथ सोने के सवाल पर अनुराग ने कहा, "यह तुम्हारा अपना डिसीजन है कि तुम किसके साथ रहती हो। मैं केवल इतना चाहता हूँ कि तुम सेफ रहो।"

‘संविदा=बंधुआ मजदूरी’: राजस्थान में लागू नहीं होता प्रियंका गाँधी का UP वाला फॉर्मूला, गहलोत को ‘अपमान’ की छूट

अगर इसे प्रियंका गाँधी के ही शब्दों में समझें तो राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार युवाओं के दर्द पर मरहम लगाने की जगह उनका दर्द बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

1000+ हिन्दुओं को मुस्लिम बनाया, यूपी ATS ने पकड़े 2 मौलाना: ISI से लिंक, विदेश से फंडिंग

काजी जहाँगीर और मोहम्मद उमर मूक-बधिर छात्रों और गरीबों को बनाते थे निशाना। पैसा, नौकरी और शादी का लालच देकर करवाते थे इस्लाम कबूल।

प्रचलित ख़बरें

टीनएज में सेक्स, पोर्न, शराब, वन नाइट स्टैंड, प्रेग्नेंसी… अनुराग कश्यप ने बेटी को कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी

ब्वॉयफ्रेंड के साथ सोने के सवाल पर अनुराग ने कहा, "यह तुम्हारा अपना डिसीजन है कि तुम किसके साथ रहती हो। मैं केवल इतना चाहता हूँ कि तुम सेफ रहो।"

वो ब्राह्मण राजा, जिनका सिर कलम कर दिया गया: जिन मुस्लिमों को शरण दी, उन्होंने ही अरब से युद्ध में दिया धोखा

राजा दाहिर ने जब कई दिनों तक शरण देने की एवज में खलीफा के उन दुश्मनों से मदद माँगी, तो उन्होंने कहा, "हम आपके आभारी हैं, लेकिन हम इस्लाम की फौज के खिलाफ तलवार नहीं उठा सकते। हम जा रहे हैं।"

70 साल का मौलाना, नाम: मुफ्ती अजीजुर रहमान; मदरसे के बच्चे से सेक्स: Video वायरल होने पर केस

पीड़ित छात्र का कहना है कि परीक्षा में पास करने के नाम पर तीन साल से हर जुम्मे को मुफ्ती उसके साथ सेक्स कर रहा था।

‘पापा को क्यों जलाया’: मुकेश के 9 साल के बेटे ने पंचायत को सुनाया दर्द, टिकैत ने दी ‘इलाज’ करने की धमकी

BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार मानने वाली नहीं है, इसीलिए 'इलाज' करना पड़ेगा। टिकैत ने किसानों को अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ तैयार रहने की भी सलाह दी।

1000+ हिन्दुओं को मुस्लिम बनाया, यूपी ATS ने पकड़े 2 मौलाना: ISI से लिंक, विदेश से फंडिंग

काजी जहाँगीर और मोहम्मद उमर मूक-बधिर छात्रों और गरीबों को बनाते थे निशाना। पैसा, नौकरी और शादी का लालच देकर करवाते थे इस्लाम कबूल।

राम मंदिर वाले चंपत राय पर अभद्र टिप्पणी, फर्जी दस्तावेज शेयर किए: पूर्व एंकर, महिला समेत 3 पर FIR

फेसबुक पोस्ट में गाली-गलौज की भाषा का भी उपयोग किया गया था और साथ ही हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली बातें थीं। आरोपितों में एक महिला भी शामिल है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,292FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe