Homeबड़ी ख़बरसर्वे में जनता ने कहा- अबकी बार, फिर नरेंद्र मोदी सरकार

सर्वे में जनता ने कहा- अबकी बार, फिर नरेंद्र मोदी सरकार

इस सर्वे के अनुसार देश में नरेंद्र मोदी सबसे विश्‍वसनीय नेता हैं और उन्‍हें सर्वे में शामिल 52.8% लोगों ने पसंद किया है। जबकि, कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गाँधी को केवल 26.9% लोग पीएम के रूप में देखना चाहते हैं।

देश में लोकसभा चुनाव होने में मात्र 2 महीने बाकी हैं। सभी राजनीतिक दल देश में सरकार बनाने की हर कोशिश में लगे हुए हैं। विभिन्न स्रोतों द्वारा 2019 में होने वाले आम चुनाव के सर्वे भी जनता के मिज़ाज का अनुमान लगाने के किए जा रहे हैं। 2019 में आम चुनाव से पहले किए गए ‘फ़र्स्टपोस्ट नेशनल ट्रस्ट सर्वे’ (Firstpost National Trust Survey) के परिणाम बता रहे हैं कि जनता की नज़र में नरेंद्र मोदी आज भी सबसे भरोसेमंद नेता हैं, जबकि राहुल गाँधी उनसे बहुत पीछे चल रहे हैं।

सर्वे के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नरेंद्र मोदी और बीजेपी के नेतृत्‍व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) को जनता की पहली पसंद माना जा रहा है। इस सर्वे के अनुसार एनडीए, विपक्षी महागठबंधन से बहुत आगे है।

इस सर्वे में 52.8% जनता पीएम नरेंद्र मोदी को सर्वाधिक भरोसेमंद नेता मानती है। वहीं, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पर केवल 26.8% जनता ने ही विश्वास जताया है।

‘फ़र्स्टपोस्ट नेशनल ट्रस्ट सर्वे’ द्वारा जारी परिणामों के लिए देशभर के 23 राज्‍यों के 285 जिलों के अंतर्गत आने वाले लगभग 60% संसदीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसमें 57 अलग-अलग सामाजिक-सांस्‍कृतिक इलाकों के 690 गाँवों और 291 शहरी इलाकों के 34,470 लोगों से बात की गई।

इस सर्वे के अनुसार देश में नरेंद्र मोदी सबसे विश्‍वसनीय नेता हैं और उन्‍हें सर्वे में शामिल 52.8% लोगों ने पसंद किया है। ये लोग नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। वहीं कॉन्ग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गाँधी को केवल 26.9% लोग प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

हिंदीभाषी राज्‍यों में भाजपा पर लोगों ने सबसे ज्‍यादा भरोसा जताया है। हाल ही में जिन 3 राज्‍यों में भाजपा पार्टी हारी थी, वहाँ पर भी बीजेपी आने वाले लोकसभा चुनावों में विपक्ष पर भारी है। हालाँकि, दक्षिण भारत में भाजपा कमज़ोर है।पश्चिम में भाजपा का प्रदर्शन उम्‍मीद से बहुत कम रहा है।

वहीं सर्वे में शामिल 85% लोगों ने धर्म या जाति की जगह विकास के नाम पर वोट देने पर स‍हमति जताई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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