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कॉन्ग्रेस महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष ने लक्की ड्रॉ का लालच देकर लूटे लाखों रुपए, FIR दर्ज

ठगी की शिकार एक महिला ने एसएसपी के सामने एक्शन न लेने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। जिसके बाद एसएसपी ने पूरे मामले की जाँच करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

गाजियाबाद में कॉन्ग्रेस महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष पूजा चड्ढा पर लकी ड्रॉ के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है। इस मामले के संबंध में 7 महिलाओं ने एसएसपी को शिकायत दर्ज करवाकर उचित कार्रवाई की माँग की है। महिलाओं का कहना है कि पूजा चड्ढा ने पहले उन्हें लक्की ड्रॉ स्कीम का लालच देकर फँसाया, फिर पैसे माँगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन 7 महिलाओं में से एक महिला ने तो एसएसपी के सामने एक्शन न लेने पर उन्हें आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है। जिसके बाद एसएसपी ने सभी को पूरे मामले की जाँच करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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इन महिलाओं के नाम सोनिया पंवार, प्रीति पंवार, मंजू, छवि, नेहा राठी, सरिता सिंह, बोबी देवी हैं। इनका आरोप है कि पूजा चड्ढा ने करीब ढाई साल पहले 20 माह की कमिटी के तौर पर उनसे कमिटी जमा करवाई थी। इस दौरान पूजा ने सभी को लक्की ड्रॉ निकलने पर लाभ देने का झांसा दिया।

महिलाओं के अनुसार पूजा चड्ढा ने कहा था कि यदि उनमें से किसी का भी नाम लक्की ड्रॉ में नहीं आता तो उन्हें 20 माह के बाद 21 हजार रुपए दिए जाएँगे। इस स्कीम के अंतर्गत एक हजार रुपए हर महीना जमा करना था।

पूजा की बातों में आकर ये महिलाए स्कीम से जुड़ गईं और अपनी जिम्मेदारी पर अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ दिया। लेकिन जब 20 माह की अवधि पूरी हुई तो इनके हाथ में चेक थमा दिए गए। साथ ही कहा गया कि वो अभी बैंक में चेक न जमा करें। एक महिला ने बिना बताए चेक जमा भी करवाया तो वह बाउंस हो गया। इस तरह किसी महिला को उसकी रकम वापस नहीं मिली।

बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष ने काफी संख्या में महिलाओं से ठगी की है। करीब एक साल से महिलाएँ उससे अपने पैसे माँग रही हैं। लेकिन अब उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी है, जिस कारण उन्होंने पुलिस का रुख किया।

वहीं, इस मामले में कॉन्ग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष का कहना है कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप पूर्ण रूप से बेबुनियाद हैं। उनके अनुसार उनके एनजीओ में एक महिला काम करती थी, जिसे कोषाध्यक्ष बनाया गया था। उसी ने संस्था के नाम पर कमिटी की शुरुआत की थी, लेकिन कमिटी की अवधि पूरी होने से पहले ही उसने एनजीओ में आना बंद कर दिया। उनकी मानें तो उस महिला के घर जाकर जब महिलाओं को पैसे देने के लिए कहा गया तो उसने उन्हें भी धमकाना शुरू कर दिया। जिसके बाद उनकी ओर से उस पर अदालत में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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