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AAP का ‘नया पाखंड’: गाजीपुर में ट्रैक्टर पर रख अंतिम संस्कार के लिए बाँट रही लकड़ी, पर पोस्टर के नंबर में निकला ‘झोल’

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह 'आप' की निजी परियोजना है या इसके लिए पैसा दिल्ली के करदाताओं के पैसे या केवल पार्टी फंड से दिया गया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) को ऑक्सीजन जाँच के लिए ऑक्सीमीटर से लेकर दाह संस्कार के लिए ‘मुफ्त’ में लकड़ियाँ उपलब्ध करवाने के प्रचार में महारत हासिल है। हाल ही में सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें एक ट्रैक्टर पर अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियाँ रखी नजर आ रही है और उस पर लगे पोस्टर में लिखा है कि इन लकड़ियों का इंतजाम आम आदमी पार्टी ने कोविड से जान गँवाने वालों के अंतिम संस्कार के लिए किया है।

इस पोस्टर में बताया गया है कि दाह संस्कार की इन लकड़ियों का इंतजाम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के लिए किया गया है।

नेटिजंस को पहली नजर में लगा कि ये जरूर ही फेक होगा क्योंकि ये सच नहीं हो सकता है कि कोई राजनीतिक पार्टी मृतकों के दाह संस्कार के लिए लकड़ियों के इंतजाम का प्रचार करे। ये इसलिए भी अजीब लगा क्योंकि ये प्रचार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का था, जहाँ आदमी आदमी पार्टी की कोई मौजूदगी तक नहीं है। हालाँकि गाजीपुर यूपी के उन स्थानों में शामिल है जिसकी सीमा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से लगती है। लाखों ‘किसान’ नए कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर सीमा पर ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ‘किसानों’ को प्रदर्शन के लिए सभी सुविधाएँ भी मुहैया करवाई हैं।

इस वायरल तस्वीर को देखने के बाद, हमें भी उत्सुकता हुई और देखिए OpIndia को इसकी पड़ताल में क्या मिला।

गाजीपुर में दाह संस्कार के लिए लकड़ियाँ ले जाने वाला उपरोक्त ट्रैक्टर की तस्वीर असली है। वास्तव में आम आदमी पार्टी ने दाह संस्कार की लकड़ियों का विज्ञापन खुद अपने आधिकारिक अकाउंट से शेयर किया है।

दाह संस्कार के लिए लकड़ियाँ ले जाने वाले ट्रैक्टरों को आप सुप्रीमो और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के चेहरे वाले झंडों के साथ बहुत धूमधाम से रवाना किया गया।

आप विधायक दिलीप पांडे की पहल

उपरोक्त पहल का समर्थन आम आदमी पार्टी के नेता और तिमारपुर से विधायक दिलीप पांडेय ने किया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए आप के ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि इस परियोजना का भुगतान दिलीप पांडे ने किया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह उनकी निजी परियोजना है या इसके लिए पैसा दिल्ली के करदाताओं के पैसे या केवल पार्टी फंड से दिया गया है।

न केवल दिलीप पांडेय बल्कि इस परियोजना का नेतृत्व वास्तव में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने किया।

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व ओएसडी अभिनव राय ने रविवार को दाह संस्कार के लिए लकड़ियों का उपरोक्त विज्ञापन साझा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में यह भी बताया कि संजय सिंह गंगा नदी में शवों को तैरते देखकर भावुक हो गए और हिंदुओं को सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने के लिए दाह संस्कार के लिए लकड़ियों की व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि सिंह ने अपना पूरा वेतन दाह संस्कार के लिए लकड़ियों का भुगतान करने के लिए दे दिया है। इस बात की काफी संभावनाएँ हैं कि 2022 विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में आप के प्रचार के लिए करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया हो। ध्यान देने वाली बात ये है ये खुद संजय सिंह ही थे जिन्होंने पिछले साल यूपी में अजीब ‘फ्री ऑक्सीजन चेक’ शुरू किया था, जब​​कि दिल्ली कोविड संकट से जूझ रही थी।

आप के पोस्टर में है एक ‘समस्या’

दाह संस्कार के लिए मुफ्त लकड़ियों के विज्ञापन वाले पोस्टर पर दिया गया नंबर 9935391246 है। हालाँकि, जब ऑपइंडिया ने इस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो कॉल एक अनजान महिला तक पहुँच गई, जिसे पता तक नहीं था कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। हालाँकि, जब आप राय के ट्वीट को देखते हैं, तो आप देख सकते हैं कि दाह संस्कार के लिए मुफ्त लकड़ियों के लिए वास्तविक नंबर 9935931246 है। ऑपइंडिया से इस बात की पुष्टि करते हुए, आप नेता ने कहा कि पोस्टर पर छपा नंबर गलत था, लेकिन अब इसे सही कर दिया गया है। दो ‘बेहद गरीब’ लोगों को अब तक दाह संस्कार के लिए मुफ्त लकड़ियाँ दी जा चुकी हैं।

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Nirwa Mehta
Nirwa Mehtahttps://medium.com/@nirwamehta
Politically incorrect. Author, Flawed But Fabulous.

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