Thursday, August 5, 2021
Homeराजनीतिमुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ, नहीं होता तो कई डायरेक्ट एक्शन...

मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ, नहीं होता तो कई डायरेक्ट एक्शन डेज देखने पड़ते: कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता

‘‘यह महज बँटवारा नहीं था लेकिन गाँधी जी ने बँटवारे के बाद की इस स्थिति को महसूस किया कि रिश्ते (भारत और पाकिस्तान के बीच) ऐसे होंगे, जो संभवत: दोनों देशों को दर्द और दुख देंगे, जो सही साबित हुआ।”

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने भारत के विभाजन पर खुशी जाहिर की और कहा कि उन्हें खुशी है कि भारत-पाकिस्तान का बँटवारा हुआ। उन्होंने रविवार (फरवरी 9, 2020) को एक कार्यक्रम में कहा, “मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ। ऐसा नहीं होता तो मुस्लिम लीग देश को चलने नहीं देती।”

बता दें कि नटवर सिंह ने रविवार को राज्यसभा सांसद एमजे अकबर की नई किताब ‘गाँधी हिंदुइज्म: द स्ट्रगल अगेंस्ट जिन्नाह इस्लाम’ की लॉन्चिंग के कार्यक्रम में शिरकत की थी। इसी दौरान उन्होंने भारत के बँटवारे के इतिहास को याद किया और ये बातें कहीं। एमजे अकबर के इस किताब का लोकार्पण पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निवास स्थान पर किया गया था।

नटवर सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई ‘डायरेक्ट एक्शन डेज’ देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त (1946) को देखी थी, उस समय कोलकाता (तब कलकत्ता) में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था। इसके बाद की प्रतिक्रिया में बिहार में हजारों मुस्लिमों को मार दिया गया।” उन्होंने कहा, “बँटवारे के पीछे का एक सीधा सा कारण है कि मुस्लिम लीग देश को सही ढंग से चलने नहीं देती।”

मुस्लिम लीग के बारे में अपनी राय के पक्ष में नटवर सिंह ने दो सितंबर 1946 में गठित भारत की अंतरिम सरकार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह से मुस्लिम लीग ने शुरुआत में वायसराय की कार्यकारिणी परिषद के उपाध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। बाद में वह केवल प्रस्तावों को खारिज करने के लिए इसका हिस्सा बनी। 

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए व्यापक स्तर पर आप यह कल्पना कीजिए कि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो मुस्लिम लीग अंतरिम सरकार का कामकाज बहुत ही मुश्किल कर देती। उस समय एक हफ्ते में ही सरकार की स्थिति कमजोर हो जाती।”

कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि गाँधी जी ने बयान दिया था कि वह 15 अगस्त को पाकिस्तान जाना चाहेंगे, यह उस बड़े दर्द का सांकेतिक प्रकटीकरण था, जो वह उस समय महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह महज बँटवारा नहीं था लेकिन गाँधी जी ने बँटवारे के बाद की इस स्थिति को महसूस किया कि रिश्ते (भारत और पाकिस्तान के बीच) ऐसे होंगे, जो संभवत: दोनों देशों को दर्द और दुख देंगे, जो सही साबित हुआ।”

क्या है ‘डायरेक्ट एक्शन डेज’ ?

बता दें कि उस समय मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग ने अलग देश की माँग की थी, जिसके तहत उन्होंने सीधी कार्रवाई (हिंदुओं को टारगेट कर हिंसा करना) करनी शुरू कर दी थी। इस दौरान 16 अगस्त 1946 को कोलकत्ता में सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसमें हजारों लोगों ने अपनी जान गँवा दी। इस घटना को ही ‘डायरेक्ट एक्शन डेज’ या ‘कलकत्ता नरसंहार’ के नाम से जाना जाता है।

‘कॉन्ग्रेस नेताओं के कारण हुआ देश का बँटवारा, देशभक्ति दिवस के रूप में मनाई जाए नेताजी की जयंती’

अय्याश था नेहरू और उसका खानदान, अंग्रेजों के चक्कर में देश का बँटवारा कर दिया: BJP विधायक

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अफगानिस्तान: पहले कॉमेडियन और अब कवि, तालिबान ने अब्दुल्ला अतेफी को घर से घसीट कर निकाला और मार डाला

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।

‘5 अगस्त की तारीख बहुत विशेष’: PM मोदी ने हॉकी में ओलंपिक मेडल, राम मंदिर भूमिपूजन और 370 हटाने का किया जिक्र

हॉकी में ओलंपिक मेडल, राम मंदिर भूमिपूजन, आर्टिकल 370 हटाने का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अगस्त को बेहद खास बताया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,121FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe