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गुजरात ने रचा इतिहास: सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण लागू करने वाला पहला राज्य

इस घोषणा के बाद 20 जनवरी को होने वाली प्रारंभिक परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है। नए आरक्षण मापदंडों को जल्द ही गुजरात राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा सूचित किया जाएगा

सामान्य वर्ग (आर्थिक रूप से कमजोर) आरक्षण बिल के तहत शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में मिलने वाले आरक्षण को गुजरात सरकार ने लागू कर दिया है। इस फैसले के साथ ही गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ पर सामान्य वर्ग आरक्षण बिल को सबसे पहले लागू किया गया हो।

राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने रविवार (जनवरी 13, 2019) को ट्वीट के जरिए इस बात की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 14 जनवरी 2019 को मकर संक्रांति के अवसर पर आर्थिक रूप से कमज़ोर सामान्य वर्ग के लोगों के लिए लाए गए आरक्षण बिल को सभी सरकारी नौकरियों में और उच्च शिक्षा में लागू कर दिया जाएगा।

सीएम रूपानी ने कहा है कि आने वाली सभी सरकारी नियुक्तियों में और शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर फायदा उठाया जा सकेगा।

आरक्षण की नई व्यवस्था उन दाखिलों और नौकरियों पर भी लागू की जाएगी, जिनका विज्ञापन 14 जनवरी से पहले जारी तो हुआ हो, लेकिन उसकी वास्तविक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई हो। जिन मामलों में वास्तविक प्रक्रिया (परीक्षा के अलावा) शुरू हो चुकी होगी, वहाँ पर दाखिला प्रक्रिया और नौकरियों के लिए दोबारा से घोषणा की जाएगी।

सीएम द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष दिनेश दास ने ट्वीट के ज़रिए बताया कि इस घोषणा के बाद 20 जनवरी को होने वाली प्रारंभिक परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है। नए आरक्षण मापदंडों को जल्द ही गुजरात राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा सूचित किया जाएगा।

बता दें कि आर्थिक रूप से कमज़ोर सामान्य वर्ग की सूची में आने वाले लोगों के लिए आरक्षण पर केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 7 जनवरी को मुहर लगाई गई थी। लोकसभा व राज्यसभा में चली लंबी बहस के बाद यह विधेयक दोनों सदनों में बहुमत से पास हुआ। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद यह अब कानून बन गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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