HomeराजनीतिUP में हवन और केरल में गौ-हत्या करने वाले के साथ भ्रमण कॉन्ग्रेस का...

UP में हवन और केरल में गौ-हत्या करने वाले के साथ भ्रमण कॉन्ग्रेस का नया ‘सेकुलरिज्म’ है

सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी द्वारा व्यक्त किए गए आक्रोश के साथ-साथ मकुट्टी का निलंबन भी एक ढकोसला प्रतीत हो रहा है क्योंकि उसकी पार्टी में सक्रियता देखकर स्पष्ट है कि गौहत्या करने वाले रिजिल माकुट्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

केरल के पूर्व यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रिजिल मकुट्टी को 2017 में एक बछड़े को घसीटने और बहुत ही क्रूरता के साथ उसे पब्लिक प्लेस में काटने के कारण कॉन्ग्रेस से निलंबित कर दिया गया था और अब उन्हें लोकसभा चुनावों के लिए केरल में पार्टी के लिए आक्रामक तरीके से प्रचार करते हुए देखा जा रहा है।

वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की रिजिल मकुट्टी के साथ की कई तस्वीरें रिजिल ने खुद अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट की थीं।

रिजिल ने 20 अप्रैल, 2019 को प्रियंका गाँधी के साथ अपनी तस्वीर अपलोड की थी, जब वह चुनावी रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करने के लिए केरल की यात्रा पर थीं। 17 अप्रैल, 2019 को उनके द्वारा अपलोड किए गए एक अन्य पोस्ट में, रिजिल को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का स्वागत और अभिवादन करते देखा जा सकता है।

2017 में, गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के कदम के विरोध में, रिजिल ने अपने सहयोगियों के साथ एक बछड़े को खींच कर और क्रूरता से उसका कत्ल कर दिया था। गाय को हिंदुओं द्वारा एक पवित्र जानवर माना जाता है। फिर भी बछड़े का वध करने का कार्य केंद्र में हिंदुओं और हिंदुत्ववादी सरकार को एक मजबूत संकेत भेजने के लिए किया गया था। वो सन्देश शायद उस आस्था को न मानने का था या कानून के उल्लंघन का, दोनों में से कोई भी क्षमा योग्य नहीं है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने तब अपनी पीड़ा व्यक्त की थी और इस घटना की निंदा की थी।

हालाँकि, हिंदुओं की भावनाओं के लिए वास्तविक चिंता का विषय यह है कि मकुट्टी पार्टी गतिविधियों में लगातार शामिल है। सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी द्वारा व्यक्त किए गए आक्रोश के साथ-साथ मकुट्टी का निलंबन भी एक ढकोसला प्रतीत हो रहा है क्योंकि उसकी पार्टी में सक्रियता देखकर स्पष्ट है कि रिजिल मकुट्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

तथ्य यह है कि राहुल ने मकुट्टी को केरल राज्य कॉन्ग्रेस इकाई के लिए काम करना जारी रखने की अनुमति दे दी थी, जिसमें कहा गया था कि उनके पास खुद को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं थी, जिसने बछड़े को मारकर हिंदू भावनाओं को आहत किया था। राहुल और प्रियंका के साथ रिजिल की हाल की तस्वीरें भी इसकी पुष्टि करती हैं।

लगभग साफ है कि कॉन्ग्रेस का हिन्दू आस्था और उनके प्रतीकों के अपमान के प्रति आक्रोश महज एक दिखावा है। उनका मंदिर-मंदिर दौड़ लगाना और राहुल-प्रियंका का उत्तर प्रदेश में हवन-पूजा भी केवल वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश है जबकि बार-बार उनके व्यवहार से उनका हर झूठ बाहर आता रहता है। यह घटना नई नहीं है ऐसा पहले भी हो चुका है। एक गौहत्या करने वाले के साथ की उनकी तस्वीरें उनके चरित्र के दोहरेपन को उजागर करती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Jinit Jain
Jinit Jain
Jinit Jain is a journalist and commentator covering politics, national security, law, and socio-cultural issues, with a focus on in-depth reporting and fact-based analysis. His work examines public policy, governance, and current affairs, bringing complex developments into clear and accessible context for readers.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -