Tuesday, September 27, 2022
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UP में हवन और केरल में गौ-हत्या करने वाले के साथ भ्रमण कॉन्ग्रेस का नया ‘सेकुलरिज्म’ है

सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी द्वारा व्यक्त किए गए आक्रोश के साथ-साथ मकुट्टी का निलंबन भी एक ढकोसला प्रतीत हो रहा है क्योंकि उसकी पार्टी में सक्रियता देखकर स्पष्ट है कि गौहत्या करने वाले रिजिल माकुट्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

केरल के पूर्व यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रिजिल मकुट्टी को 2017 में एक बछड़े को घसीटने और बहुत ही क्रूरता के साथ उसे पब्लिक प्लेस में काटने के कारण कॉन्ग्रेस से निलंबित कर दिया गया था और अब उन्हें लोकसभा चुनावों के लिए केरल में पार्टी के लिए आक्रामक तरीके से प्रचार करते हुए देखा जा रहा है।

वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की रिजिल मकुट्टी के साथ की कई तस्वीरें रिजिल ने खुद अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट की थीं।

रिजिल ने 20 अप्रैल, 2019 को प्रियंका गाँधी के साथ अपनी तस्वीर अपलोड की थी, जब वह चुनावी रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करने के लिए केरल की यात्रा पर थीं। 17 अप्रैल, 2019 को उनके द्वारा अपलोड किए गए एक अन्य पोस्ट में, रिजिल को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का स्वागत और अभिवादन करते देखा जा सकता है।

2017 में, गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के कदम के विरोध में, रिजिल ने अपने सहयोगियों के साथ एक बछड़े को खींच कर और क्रूरता से उसका कत्ल कर दिया था। गाय को हिंदुओं द्वारा एक पवित्र जानवर माना जाता है। फिर भी बछड़े का वध करने का कार्य केंद्र में हिंदुओं और हिंदुत्ववादी सरकार को एक मजबूत संकेत भेजने के लिए किया गया था। वो सन्देश शायद उस आस्था को न मानने का था या कानून के उल्लंघन का, दोनों में से कोई भी क्षमा योग्य नहीं है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने तब अपनी पीड़ा व्यक्त की थी और इस घटना की निंदा की थी।

हालाँकि, हिंदुओं की भावनाओं के लिए वास्तविक चिंता का विषय यह है कि मकुट्टी पार्टी गतिविधियों में लगातार शामिल है। सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी द्वारा व्यक्त किए गए आक्रोश के साथ-साथ मकुट्टी का निलंबन भी एक ढकोसला प्रतीत हो रहा है क्योंकि उसकी पार्टी में सक्रियता देखकर स्पष्ट है कि रिजिल मकुट्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

तथ्य यह है कि राहुल ने मकुट्टी को केरल राज्य कॉन्ग्रेस इकाई के लिए काम करना जारी रखने की अनुमति दे दी थी, जिसमें कहा गया था कि उनके पास खुद को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जोड़ने में कोई दिक्कत नहीं थी, जिसने बछड़े को मारकर हिंदू भावनाओं को आहत किया था। राहुल और प्रियंका के साथ रिजिल की हाल की तस्वीरें भी इसकी पुष्टि करती हैं।

लगभग साफ है कि कॉन्ग्रेस का हिन्दू आस्था और उनके प्रतीकों के अपमान के प्रति आक्रोश महज एक दिखावा है। उनका मंदिर-मंदिर दौड़ लगाना और राहुल-प्रियंका का उत्तर प्रदेश में हवन-पूजा भी केवल वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश है जबकि बार-बार उनके व्यवहार से उनका हर झूठ बाहर आता रहता है। यह घटना नई नहीं है ऐसा पहले भी हो चुका है। एक गौहत्या करने वाले के साथ की उनकी तस्वीरें उनके चरित्र के दोहरेपन को उजागर करती हैं।

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Jinit Jain
Jinit Jain
Writer. Learner. Cricket Enthusiast.

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