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सिद्दरमैया का पालतू तोता नहीं हूँ, ‘ऊपर से’ ऑर्डर लेकर बना CM: कुमारास्वामी का फिर से छलका दर्द

"जब कॉन्ग्रेस आलाकमान से कोई निर्देश आता है तो वे (सिद्दरमैया) उसे सुनते नहीं हैं। इसीलिए हमारी सरकार नहीं चली।"

पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी के लिए कॉन्ग्रेस के साथ सरकार चलाना कितना ‘पीड़ादायक’ अनुभव रहा, इसका ‘दर्द’ रह-रह कर छलकता रहता है। अभी हाल ही में उनके पिता और जेडीएस अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने उपचुनावों में गठबंधन के सवाल पर मीडिया को बताया कि उनके पुत्र कुमारास्वामी फिर से कॉन्ग्रेस के हाथों ‘प्रताड़ित’ नहीं होना चाहते। और आज कुमारास्वामी ने खुद भी साफ़ कर दिया कि वे कर्नाटक के कॉन्ग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के ‘पालतू तोता’ नहीं हैं

‘मेरे पापा ने इसके जैसे बहुत बनाए, लेकिन मुझे CM कॉन्ग्रेस आलाकमान ने बनाया’

एक तरफ़ कुमारास्वामी ने कॉन्ग्रेस के नेताओं पर भाजपा के साथ हाथ मिला लेने का आरोप लगाया, और वहीं दूसरी ओर खुद अपने मुख्यमंत्रित्व के लिए कॉन्ग्रेस आलाकमान का आभार व्यक्त किया। सिद्दरमैया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं सिद्दरमैया का पालतू बनाया हुआ कोई तोता नहीं हूँ। उनके जैसे कई हैं, जो एचडी देवेगौड़ा के शासन में फल-फूले। मैं मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस आलाकमान के आशीर्वाद के चलते बना।” साथ ही उन्होंने अपनी सरकार गिरने का ठीकरा भी सिद्दरमैया के सिर फोड़ दिया। उन्होंने कहा, “जब कॉन्ग्रेस आलाकमान से कोई निर्देश आता है तो वे (सिद्दरमैया) उसे सुनते नहीं हैं। इसीलिए हमारी सरकार नहीं चली।”

मालूम हो कि जुलाई अंत में कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा सरकार को बहुमत प्राप्त हो गया था। 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 207 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 104 का आँकड़ा चाहिए था और बीजेपी के पास 105 विधायक थे। इसीलिए विपक्ष ने मत विभाजन की माँग तक नहीं की थी। इसके पहले कॉन्ग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन सरकार शक्ति-परीक्षण में असफल रही थी

इसके अलावा कुमारास्वामी ने सिद्दरमैया पर कर्नाटक की ‘क्षेत्रीय अस्मिता’ के लिए भी कुछ नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद एक क्षेत्रीय दल बनाने का काम मैंने किया है। क्या सिद्दरमैया के अंदर हिम्मत है कि क्षेत्रीय अस्मिता के लिए कुछ करें?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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