Friday, July 19, 2024
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‘हिंदू फल दुकान’ पहुँचे पूर्व CM रघुवर दास, कहा- फल विक्रेताओं पर नहीं दर्ज होगा केस, हरसंभव मदद करेंगे

इससे पहले रघुवर दास ने कहा था कि अगर व्यापारियों पर किया गया केस तत्काल वापस नहीं लिया गया तो भाजपा बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के कारण आजीविका चला रहे छोटे-छोटे व्यापारियों को तंग करना बंद करे।

झारखंड के जमशेदपुर में दुकान पर विश्व हिंदू परिषद और ‘हिंदू फल की दुकान’ पोस्टर लगाने वाले विक्रेताओं पर कोई केस दर्ज नहीं होगा। यह जानकारी ट्वीट कर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दी है। पुलिस कार्रवाई के बाद पूर्व सीएम पीड़ित फल विक्रेताओं की दुकान पहुॅंचे थे।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आज पीड़ित फल विक्रेताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मिला। उन्हें हरसंभव मदद के लिए आश्वस्त किया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से बात हुई। फल विक्रेताओं पर कोई केस दर्ज नहीं होगा।”

पूर्व सीएम की इस पहल को सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी सराहा है। साथ ही कहा है कि थोड़े समय के बाद ही सही, लेकिन झारखंड के लोगों को अफसोस जरूर होगा कि उन्होंने क्या खोया है।

एक यूजर ने लिखा, “धन्यवाद सर। उनको पोस्टर लगाने का भी हक है। यह माँग भी आप प्रप्रशासन से करें, क्योंकि मौजूदा झारखंड सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “झारखंड में तालिबानी राज आ चुका है। अब जजिया कर देना बाकी रह गया है हिंदूओं को। भाजपा सरकार का हारना क्या होता है, अब झारखंड के हिंदुओं को समझ आ रहा होगा।”

कुमार अभिषेक नाम के एक यूजर ने रघुवर दास का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि इसे कहते हैं गरीब जनता का का सच्चे साथी। मामला सामने आते ही फल विक्रेताओं से मिलकर इस तुगलकी कार्रवाई के खिलाफ उनका समर्थन किया।

एक यूजर ने लिखा, “सही मायने में इसको कहते हैं जनता की सरकार। मुझे तो ताज्जुब है कि सरयू राय अभी तक उस फल वाले से मिलने क्यों नहीं गए।”

गौरतलब है कि इससे पहले रघुवर दास ने कहा था कि अगर व्यापारियों पर किया गया केस तत्काल वापस नहीं लिया गया तो भाजपा बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के कारण आजीविका चला रहे छोटे-छोटे व्यापारियों को तंग करना बंद करे। 

झारखंड के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता सीपी सिंह ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि किस कानून के तहत पोस्टर हटाया गया? झारखंड में हिन्दू धर्म का पालन अपराध है? झारखंड सरकार ‘हलाल सर्टिफाइड मार्क’ कब हटा रही वस्तुओं व दुकानों से? एक सम्प्रदाय विशेष के तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। मौलिक अधिकारों का हनन है।

विहिप के प्रवक्ता ने भी एक के बाद एक ट्वीट कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने पूछा था कि क्या भारत मे हिंदू होना अपराध है? या विहिप बजरंग दल व भगवा से जुड़ना अपराध है? उनका सवाल था कि क्या जिन मीट की दुकानों, बूचड़खानों या पैकेटों पर हलाल शब्द लिखे होंगे, उन सभी साम्प्रदायिक व धार्मिक विद्वेष फैलाने वाली शब्दावली को भी ये सरकारें बंद करेंगीं? यह बड़ा मामला है क्योंकि सिर्फ़ बैनर नहीं हटाया गया है। भगवान श्रीराम व भगवान शिव की तस्वीर भी हटाई गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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