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शिवलिंग पर कंडोम, बीफ फेस्टिवल और हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान: 5 ‘बदजुबान’ जिन्हें जनता ने चटाई धूल

केरल के विधायक एम स्वराज ने भगवान अयप्पा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वो अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। तृणमूल कॉन्ग्रेस की सुजाता खान ने दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वे भी हार गई हैं।

पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आ गए हैं। भाजपा ने असम और पुडुचेरी में जीत दर्ज की है। पश्चिम बंगाल में TMC तो केरल में लेफ्ट सत्ता बचाने में सफल रहा है। तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन हुआ और DMK को जीत मिली। इन चुनावों में कुछ ऐसे नेताओं को हार मिली है, जो राजनीति से ज्यादा अपनी बदजुबानी के लिए चर्चा में आए थे। यहाँ हम ऐसे 5 हिन्दू विरोधी नेताओं के चुनाव परिणाम पर चर्चा करेंगे।

सबसे पहले बात बंगाली अभिनेत्री सायोनी घोष की, जिन्हें TMC ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार बनाया था। वहाँ उन्हें 4487 वोटों से हार मिली। जहाँ भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्र पॉल 87,881 (45.13%) वोट पाने में कामयाब रहे, सायोनी को 83,394 (42.82%) वोट मिले। उन्होंने शिवलिंग को कंडोम पहनाते हुए एक तस्वीर शेयर कर भगवान शिव का मजाक बनाया था। हिन्दू भावनाओं को आहत करने के आरोप में उन पर FIR भी हुई थी।

इसी तरह केरल में कॉन्ग्रेस की बिंदु कृष्णा ने ‘बीफ फेस्टिवल’ का आयोजन किया था। उन्हें कोल्लम से उम्मीदवार बनाया गया था। मई 2017 में जब केंद्र सरकार ने हत्या के लिए जानवरों के बाजार से खरीद-बिक्री पर पाबंदी लगाई थी, तब केरल के विभिन्न इलाकों में इस तरह के ‘बीफ फेस्ट’ हुए। बिंदु कृष्णा ने कहा था कि पीएम मोदी को डिलीवर करने के लिए ‘स्वादिष्ट बीफ’ को पैक कर हेड पोस्ट ऑफिस में भेजा जाएगा।

कोल्लम की बात करें तो यहाँ काँटे की टक्कर में जहाँ बिंदु कृष्णा को 56,452 (43.27%) वोट मिले, CPI(M) के एम मुकेश 58,524 (44.86%) मत पाकर विजयी हुए। इस तरह से ‘बीफ फेस्टिवल’ का आयोजन वाली बिंदु कृष्णा 2072 वोटों से हार गईं।

इस सूची में एक और उम्मीदवार हैं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सुजाता खान, जिन्होंने दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अनुसूचित जाति (SC) के लोग भिखारी होते हैं। उन्हें आरामबाग से उम्मीदवार बनाया गया था, जहाँ उनकी हार के बाद भाजपा के दफ्तर को जला डाला गया। भाजपा के मधुसूदन बाग़ ने 1,03,108 (46.88%) वोट पाकर 95,936 (43.62%) वोट पाने वाली सुजाता को 7172 मतों से हराया।

इसी तरह केरल के विधायक एम स्वराज ने भगवान अयप्पा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वो अपनी सीट भी नहीं बचा पाए। वे ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI)’ के राज्य सचिव भी हैं। उन्होंने कहा था कि भगवान अयप्पा की 2018 में मल्लिकापुरम से शादी हुई है, इसलिए सबरीमाला मंदिर में कोई भी जा सकता है। वो त्रिपुनिथुरा में कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के बाबू से 992 वोटों से हार गए।

इस सूची में एक नाम भाजपा के एक नेता का भी है, जिन्होंने कहा था कि बीफ भारत का ‘राष्ट्रीय भोजन’ है। असम के गौरीपुर से उम्मीदवार बनेन्द्र कुमार मुशहरी तब भी हार गए हैं, जब राज्य में उनकी ही पार्टी ने सत्ता में वापसी की है। उनकी बुरी हार हुई है। बनेन्द्र को जहाँ 63,349 (34.48%) वोट मिले, AIDUF के निज़ानुर रहमान को 1,12,194 (61.07%) वोट प्राप्त हुए। इस तरह 48,845 वोटों के अंतर से बनेन्द्र की हार हुई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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