‘…अगर मुसलमान गटर में हैं तो आरक्षण देकर उन्हें वहाँ से बाहर निकालना चाहिए’

"पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ‘बाबरी मस्जिद’ गिराने के दोषी थे, प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने कुछ नहीं किया, अब नरेंद्र मोदी भी उसी विचारधारा पर चल रहे हैं।"

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असदुद्दीन ओवैसी
AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)

ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर देश के मुसलमान गटर में हैं तो उन्हें वहाँ से निकालना चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते कि मुसलमान मुख्यधारा में आएँ। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि लोकसभा में 300 भाजपा सांसदों में से एक भी मुसलमान नहीं है। 

प्रधानमंत्री के लोकसभा में दिए गए बयान पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर मुसलमान गटर (नाली) में हैं तो उन्हें वहाँ से बाहर निकालना चाहिए, और इसके लिए मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए। 

‘नाली’ शब्द सबसे पहले अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रयोग किया था। हालाँकि लोकसभा अध्यक्ष ने इसे रिकॉर्ड से हटा दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कॉन्ग्रेस को याद दिलाया था कि कॉन्ग्रेस के ही मंत्री ने शाहबानो केस के समय कहा था कि यदि मुसलमान गटर (नाली) में पड़े रहना चाहते हैं तो उन्हें वहीं रहने दो। 

ओवैसी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को शाहबानो याद है लेकिन तबरेज़ अंसारी, अख़लाक़, पहलू खान क्यों नहीं याद आते? क्या प्रधानमंत्री को याद नहीं है कि उनके मंत्री ने अलीमुद्दीन अंसारी के हत्यारे को माला पहनाई थी? 

ओवैसी ने अपने बयान में नरसिम्हा राव को भी घसीटा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ‘बाबरी मस्जिद’ गिराने के दोषी थे, प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने कुछ नहीं किया, अब नरेंद्र मोदी भी उसी विचारधारा पर चल रहे हैं।