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‘इमरान खान ने की थी सिद्धू को मंत्री बनाने के लिए सिफारिश, जानकर चुप रहीं सोनिया गाँधी’: कैप्टन अमरिंदर का खुलासा – ‘नवजोत पागल है’

अमरिंदर सिंह के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू बहुत ही महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं। उनकी दोस्ती पाकिस्तान के नेताओं, प्रधानमंत्री और आर्मी के चीफ के साथ है।

पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assebmly Election-2022) के बीच पंजाब लोक कॉन्ग्रेस (PLC) के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कैबिनेट में मंत्री बनाने के लिए पाकिस्तान ने सिफारिश की थी। सिंह ने कहा कि उन्होंने ये मैसेज सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी को भी भेजा था, लेकिन सोनिया ने इस पर कोई जबाव नहीं दिया।

रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को कॉन्ग्रेस में शामिल किए जाने के पीछे की कहानी बयाँ की। उन्होंने कहा, सिद्धू को पार्टी में ले आएँ? मैंने कहा कि पटियाला का लड़का है, लेकिन मैं उससे मिला नहीं हूँ, लेकिन मिल के देखता हूँ, तो मैंने उसको (सिद्धू) रिंग किया और कहा कि चलो एक मीटिंग करते हैं। मुझे आपसे कुछ बात करनी है। हमारी मीटिंग भी दिल्ली के इम्पीरियल होटल में फिक्स हो गई। लेकिन, सिद्धू ने कहा कि मैं खुले में मीटिंग नहीं करता तो मैंने कमरे का इंतजाम करवाया। आते ही उसने अपनी जेब से शिवलिंग निकाल कर टेबल पर रख दिया औऱ कहा कि मैं इसके बिना बात नहीं करता।”

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा, “हमारी बात शुरू हुई। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि मैं 6 घंटे ध्यान लगाता हूँ। मैंने पूछा कैसा मेडिटेशन? तो उसने कहा कि तीन घंटे सुबह और तीन घंटे शाम को। उसमें से एक घंटे सुबह शाम मैं भगवान से बात करता हूँ, देश की अर्थव्यवस्था और हालातों के बारे में। मैंने तो सोनिया जी को जाकर कह दिया कि ये तो पागल है। इसे तो पार्टी से दूर ही रखो। लेकिन तीन महीने के बाद इसे पंजाब का प्रेसीडेंट बना दिया। दिल्ली में कोई सुनता ही नहीं।”

सिद्धू के लिए पाकिस्तान से सिफारिश का जिक्र करते हुए कैप्टन बताते है कि हम सभी को पता है कि 40 प्रतिशत पटियाला में मुस्लिम थे, जिनमें से अधिकतर पाकिस्तान चले गए। इसी तरह से कुछ ऐसे परिवार हैं, जिनके पुराने ताल्लुकात हैं। इसी में से एक कॉमन फ्रेंड ने एक मैसेज भेजा था। जिसमें कहा गया था कि इमरान खान कह रहे हैं कि इसको (सिद्धू) को कैबिनेट में शामिल कर लो। अगर ये बदमाशी करता है तो निकाल देना। उन्होंने आगे कहा कि उस मैसेज को सोनिया और प्रियंका को भेजा तो प्रियंका ने कहा कि इसने पाकिस्तान से सिफारिश करवाकर बड़ी बेवकूफी की है। जबकि सोनिया गाँधी ने कोई जबाव ही नहीं दिया। अमरिंदर सिंह के मुताबिक, नवजोत सिंह सिद्धू बहुत ही महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं। उनकी दोस्ती पाकिस्तान के नेताओं, प्रधानमंत्री और आर्मी के चीफ के साथ है।

पंजाब में कॉन्ग्रेस के सीएम फेस चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं चन्नी को बहुत अच्छे तरीके से जानता हूँ। 2007 में हमने इसे (चन्नी) निर्दलीय लड़ाया चुनाव लड़ाया और जिताया भी था। बाद में हमने इन्हें विपक्ष का नेता भी बनाया। पढ़ा लिखा लड़का था ये। सिद्धू, सुधजिंदर रंधावा और चन्नी तीनों मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। मेरे इस्तीफा देने के बाद से कॉन्ग्रेस में सबकुछ फटा हुआ है। इसके साथ सिंह ने रंधावा, चन्नी, सिद्धू और सुनील जाखड़ के मुख्यमंत्री बनने की लालसा पर कहा कि इन सभी में सबसे अधिक योग्य अगर कोई है तो वो केवल जाखड़ हैं।

पाकिस्तान दौरे के कारण देना पड़ा था इस्तीफा

गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू 2017 में राज्य के उप मुख्यमंत्री बनाए गए थे। इसके बाद 2018 सिद्धू पाकिस्तान के दौरे पर चले गए। वहाँ उन्होंने पाकिस्तानी आर्मी के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को गले भी लगाया। जिसको लेकर काफी राजनीति भी हुई थी। इसके बाद उन्हें अपना इस्तीफा भी देना पड़ा था। हालाँकि, वो यहीं नहीं रुके उन्होंने नवंबर 2021 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई करार दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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