अपने ही घर से भागे बिहार के ‘छोटे सरकार’, कभी हाथ जोड़े खड़े रहते थे नीतीश कुमार

पैतृक घर से एके-47, गोली और हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले में देर रात पटना पुलिस अनंत सिंह को गिरफ्तार करने पहुॅंची। लेकिन, जैसे ही गिरफ्तारी की भनक लगी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है। ‘छोटे सरकार’ कहे जाने वाले बिहार के मोकामा से निर्दलीय विधायक बाहुबली अनंत सिंह को इसका अहसास गहरे से हो रहा होगा। शनिवार रात पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने पहुॅंची तो उन्हें अपने ही घर से भाग खड़ा होना पड़ा।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पैतृक घर से एके-47, गोली और हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले में देर रात पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुॅंची थी। लेकिन, हथियारों की बरामदगी के बाद चैनलों पर इंटरव्यू दे रहे अनंत सिंह को जैसे ही गिरफ्तारी की भनक लगी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने उनकी पत्नी से पूछताछ की है।

अनंत सिंह पर गैरकानूनी गतिविधियां प्रतिबंधित कानून यानी UAPA के तहत आतंकी घोषित होने का खतरा मंडरा रहा है। घर पर छापेमारी के बाद इसे साजिश बताते हुए अनंत सिंह ने कहा था, “मैंने ललन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा, इसलिए मुझे फॅंसाया जा रहा है। एसपी लिपि सिंह को बाढ़ केवल इसलिए लाया गया है, ताकि मुझे परेशान किया जा सके।”

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अनंत सिंह केवल अपने आपराधिक इतिहास के लिए ही चर्चित नहीं रहे हैं। उनके शौक भी अजीबोगरीब हैं। अजगर पालने की सनक को लेकर वे विवादों में रह चुके हैं। एक बार उन्होंने पटना के अपने घर में एक पत्रकार को भी बंधक बना लिया था। उनका रसूख कितना था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कभी सुशासन बाबू के नाम से मशहूर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके आगे हाथ जोड़े खड़े रहते थे।

असल में कभी अनंत सिंह जदयू में ही हुआ करते थे। 2005 और 2010 का विधानसभा चुनाव उन्होंने जदयू के टिकट पर ही जीता था। 2015 में उन्होंने जदयू छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस बार लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने नीतीश के एक और खासमखास मुंगेर के मौजूद सांसद ललन सिंह के खिलाफ अपनी पत्नी को मैदान में उतार दिया था।

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