Wednesday, September 28, 2022
Homeराजनीति'वीर सावरकर थे भारत के महान सपूत' - पढ़ें वो खत जिसे इंदिरा गाँधी...

‘वीर सावरकर थे भारत के महान सपूत’ – पढ़ें वो खत जिसे इंदिरा गाँधी ने खुद लिखा था

पत्र में इंदिरा गाँधी 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक' संस्था के सचिव श्री पंडित बाखले को सावरकर की जन्म शताब्दी को लेकर उनकी योजनाओं के लिए सफलता की कामना की थी।

लोक सभा चुनावों के ठीक पहले कॉन्ग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद छोड़ कर शिव सेना में जाने वालीं प्रियंका चतुर्वेदी ने कॉन्ग्रेस को आईना दिखाते हुए ट्वीट किया है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को लेकर लिखा गया पत्र ट्वीट करते हुए उन्होंने आज की कॉन्ग्रेस को कम्युनिस्ट और वामपंथी [(Commie/Left)”] करार दिया है।

सावरकर थे ‘remarkable son of India’

प्रियंका द्वारा ट्वीट किए गए पत्र में इंदिरा गाँधी ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक’ संस्था के सचिव श्री पंडित बाखले को सावरकर की जन्म शताब्दी को लेकर उनकी योजनाओं के लिए सफलता की कामना की थी। साथ ही उन्होंने न केवल सावरकर को “भारत का विशिष्ट पुत्र” बताया था, बल्कि यह भी कहा था कि उनका ब्रिटिश सरकार से निर्भीक संघर्ष स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में अपना खुद का महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

यह पत्र 20 मई 1980 का है, और इंदिरा गाँधी के हस्ताक्षर पत्र पर साफ़ देखे जा सकते हैं।

कॉन्ग्रेस के लिए असहज स्थिति

इंदिरा गाँधी का यह पत्र कॉन्ग्रेस के लिए असहज स्थिति है, क्योंकि पार्टी पिछले कुछ समय से सावरकर को साम्प्रदायिक और फासीवादी के अतिरिक्त ‘गद्दार’ और ‘कायर’ भी बताने में लगी है। अगस्त में कॉन्ग्रेस के दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र नेताओं ने सावरकर की प्रतिमा पर कालिख पोतने के अलावा उस पर जूतों की माला पहनाई थी। एनएसयूआई (NSUI) की राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने ट्विटर पर लिखा था कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा था कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।

ऐसे में कॉन्ग्रेस की 1947 के बाद की सबसे बड़ी नेत्रियों में गिनी जाने वाली इंदिरा गाँधी के शब्दों और अपने स्टैंड में साम्य समझा पाना कॉन्ग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लोगों में डर पैदा करने के लिए RSS कार्यकर्ता से लेकर हिंदू नेता तक हत्या: मर्डर से पहले PFI-SDPI के लोग रचते थे साजिश,...

देश के लोगों द्वारा लंबे समय से जिस चीज की माँग की जा रही थी, अंतत: केंद्र की मोदी सरकार ने PFI पर प्रतिबंध लगाकर उसे पूरा कर दिया।

‘मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम न आए’: PM मोदी ने याद किया लता दीदी का भजन, अयोध्या के भव्य ‘लता...

पीएम मोदी ने बताया कि जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन संपन्न हुआ था, तो उनके पास लता दीदी का फोन आया था, वो काफी खुश थीं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,793FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe