कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी: निगमकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मंत्री का पोस्टर हटाने से थे नाराज़

महापौर मालिनी गौड़ ने कहा कि ये राज्य कैबिनेट का ही फ़ैसला है कि अगर राजनीतिक बैनर-पोस्टर लगे हुए हैं तो उन्हें हटाया जाना चाहिए। निगम आयुक्त ने कहा कि जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज देख कर आरोपितों की पहचान की जा रही है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में कमलनाथ के मंत्री तुलसी सिलावट के समर्थकों ने भारी गुंडागर्दी मचाई। उन्होंने न सिर्फ़ नगर निगम के कर्मचारियों को पीटा, बल्कि अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की और गाली-गलौज किया। दरअसल, इंदौर को स्वच्छता के मामले में लगातार चौथी बार नंबर वन सिटी बनाने के लिए शहर के सारे राजनीतिक पोस्टर-बैनरों को हटाया जा रहा है। नगर निगम ने इसके लिए अभियान चला रखा है और इसी क्रम में मंगलवार (नवंबर 5, 2019) को ये घटना हुई। ये घटना अमला रेजीडेंसी एरिया में हुई, जहाँ ‘राहुल सिलावट मित्र मंडल’ के नाम से पोस्टर-बैनर लगे हुए थे। सिलावट राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं।

कॉन्ग्रेस नेता तुलसी सिलावट को उनके समर्थक ‘तुलसी भैया’ के नाम से भी जानते हैं। ये पोस्टर-बैनर उनके जन्मदिन के अवसर पर लगाए गए थे। सिलावट का बँगला भी पास में ही है। जैसे ही उनके समर्थकों को इस बात की जानकारी मिली, वो लाठी-डंडों के साथ वहाँ पहुँच गए और कार्रवाई कर रहे कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ बदतमीजी पर उतर आए। उन्होंने नगर निगम के उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान के साथ न सिर्फ़ धक्का-मुक्की की बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों व अधिकारियों को गालियाँ भी बकी।

इसके बाद मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के समर्थकों ने सरकारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जब इतने पर भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटा। उपायुक्त महेंद्र चौहान ने कहा कि उन्होंने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है क्योंकि धमकी की बातें उनके कर्मचारियों ने सुनी, उन्होंने नहीं। वहीं तुलसी बाद में किरकिरी से बचने के लिए सफाई देते हुए कहा कि वो तो अपना जन्मदिन भी नहीं मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम का बैनर-पोस्टर लगा है, इसकी उन्हें जानकारी भी नहीं थे। मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने मारपीट की है तो उसपर कार्रवाई हो।

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स्थानीय लोगों ने बताया है कि जिस दिन ये घटना हुई, उसी दिन मंत्री सिलावट भी यहाँ आए थे। उनके जाने के कुछ ही देर बाद ये घटना हुई। कॉन्ग्रेस नेता सिलावट ने यहाँ आकर अपने समर्थकों के साथ बातचीत की थी और उनके जाने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ गुंडागर्दी की गई।

महापौर मालिनी गौड़ ने कहा कि ये राज्य कैबिनेट का ही फ़ैसला है कि अगर राजनीतिक बैनर-पोस्टर लगे हुए हैं तो उन्हें हटाया जाना चाहिए। निगम आयुक्त ने कहा कि जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज देख कर आरोपितों की पहचान की जा रही है। जिस इलाक़े में ये घटना हुई, वहाँ मंत्री सिलावट के साथ-साथ कलेक्टर, कमिश्नर और हाईकोर्ट के न्यायाधीश का भी आवास स्थित है।

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