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राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल 125-61 से पास, भविष्य में मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा

अमित शाह ने राज्यसभा में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि मुझे भरोसा है कि आर्टिकल 370 हटने के बाद घाटी में खून खराबा पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में पास हो गया है। जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बाँटने वाले इस बिल पर सदन में बिल के पक्ष में 125 वोट पड़े तो वहीं इसके विपक्ष में 61 वोट पड़े। जबकि एक सदस्य गैर हाजिर रहा। इससे पहले राज्यसभा से जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन बिल के पास हो जाने के बाद अमित शाह की ओर से लाए गए संकल्प पर सदन का मत लिया गया।
इस बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के प्रावधान शामिल हैं।

कॉन्ग्रेस के पी चिदंबरम ने अमित शाह से पूछा कि आप कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश क्यों बना रहे हैं?
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर हमेशा केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा, सामान्य स्थिति के बाद उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। हम कश्मीर को देश का सबसे विकसित राज्य बनाएँगे। कश्मीर को सामान्य बनाने के लिए सरकार की सहायता करें और सब मिलकर काम करें। अमित शाह ने कहा कि हमारे साथ नहीं रहने वाले दलों ने भी आज इस बिल पर हमारा साथ दिया है। सदन को एकमत से इस बिल और संकल्प का समर्थन करना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने संबंधी प्रस्ताव को लेकर राज्यसभा में जवाब दिया। अमित शाह ने राज्यसभा में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि मुझे भरोसा है कि आर्टिकल 370 हटने के बाद घाटी में खून खराबा पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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